Edition

बिहार में शराबबंदी का सियासी घमासान!

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

बिहार,07अपैल।

बिहार की राजनीति में एक बार फिर शराबबंदी को लेकर तकरार तेज हो गया है। इस बार विवाद का केंद्र बना है शराब कंपनियों से कथित चुनावी चंदा।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शराबबंदी कानून को पूरी तरह विफल बताते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इस कानून की वजह से राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ा है और एक अवैध अर्थव्यवस्था खड़ी हो गई है। तेजस्वी यादव के अनुसार, शराबबंदी लागू होने के बाद अब तक 11 लाख से ज्यादा केस दर्ज, 16 लाख से ज्यादा गिरफ्तारियां, और 5 करोड़ लीटर से अधिक शराब जब्त की गई है। लेकिन उनका दावा है कि वास्तविक खपत इससे कहीं अधिक है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर शराबबंदी है, तो इतनी बड़ी मात्रा में शराब आखिर कैसे पहुँच रही है और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है।

तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि इस कानून की आड़ में गरीब, दलित और पिछड़े वर्गों को ज्यादा निशाना बनाया जा रहा है, जबकि बड़े तस्करों पर कार्रवाई नहीं हो रही। उनका कहना है कि शराबबंदी ने राज्य में लगभग 40 हजार करोड़ रुपये की अवैध अर्थव्यवस्था खड़ी कर दी है और युवाओं पर नशे के बुरे प्रभाव भी बढ़े हैं।

दूसरी ओर, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने तेजस्वी यादव के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए पलटवार किया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि जो पार्टी शराब कंपनियों से चंदा लेती है, वह शराबबंदी पर सवाल उठा रही है। जदयू के अनुसार, जुलाई 2023 से जनवरी 2024 तक राष्ट्रीय जनता दल को शराब कंपनियों से लगभग 46.64 करोड़ रुपये का चंदा मिला, और इसे देखते हुए विपक्ष का बयान राजनीतिक रूप से प्रेरित लगता है।

जदयू का कहना है कि बिहार में 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है और इसके बाद समाज में कई सकारात्मक बदलाव देखे गए हैं। सर्वेक्षणों में भी बड़ी संख्या में लोगों ने शराबबंदी के पक्ष में राय दी है। पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह शराबबंदी खत्म करना चाहती है या नहीं।

कुल मिलाकर, बिहार में शराबबंदी अब सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। जहां सरकार इसे सामाजिक सुधार का कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे भ्रष्टाचार और विफलता का प्रतीक मान रहा है। आगामी चुनावी माहौल में यह मुद्दा निश्चित रूप से सियासी टकराव और बहस का केंद्र बनेगा।

New India News Network
Author: New India News Network

new india news network

Leave a Comment

और पढ़ें