आईएमटी मानेसर में हिंसा और अव्यवस्था: लेबर डिपार्टमेंट की लापरवाही पर उठे सवाल, उद्योगों को करोड़ों का नुकसान- पवन यादव
मानेसर (गुरुग्राम), 10 अप्रैल 2026।
आईएमटी मानेसर में हाल ही में हुई हड़ताल, हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं ने औद्योगिक क्षेत्र में भय और अस्थिरता का माहौल पैदा कर दिया है। आईएमटी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के संरक्षक पवन यादव ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए लेबर डिपार्टमेंट की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
पवन यादव ने बताया कि पिछले कई दिनों से मानेसर की 10 से 12 फैक्ट्रियों में कर्मचारियों के बीच न्यूनतम मजदूरी और अन्य श्रम संबंधी मुद्दों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। इस भ्रम के चलते कर्मचारियों ने हड़ताल और फैक्ट्री गेट बंद करने जैसे कदम उठाए। उन्होंने कहा कि यदि लेबर डिपार्टमेंट समय रहते स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करता और मीडिया के माध्यम से सही जानकारी साझा करता, तो हालात इतने गंभीर नहीं होते।
बुधवार को भड़की हिंसा, कई कंपनियों में तोड़फोड़ स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब बुधवार को तीन से चार कंपनियों में हिंसक घटनाएं सामने आईं। उपद्रवी तत्वों ने फैक्ट्री परिसरों में तोड़फोड़ की, पुलिस प्रशासन के साथ मारपीट की, मोटरसाइकिलों में आग लगा दी तथा कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इन घटनाओं से औद्योगिक क्षेत्र में दहशत फैल गई और कई इकाइयों को अस्थायी रूप से अपना उत्पादन बंद करना पड़ा।
करोड़ों रुपये के उत्पादन का नुकसान एसोसिएशन के अनुसार, इन घटनाओं के कारण उद्योगों को करोड़ों रुपये के उत्पादन और संपत्ति का नुकसान हुआ है। कई फैक्ट्रियों में कच्चा माल और तैयार माल प्रभावित हुआ, जबकि सप्लाई चेन भी बाधित हुई। इससे न केवल स्थानीय उद्योग बल्कि ऑटोमोबाइल और सहायक इकाइयों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जो आईएमटी मानेसर पर निर्भर हैं।
पहले ही दी गई थी चेतावनी पवन यादव ने बताया कि उन्होंने पहले ही प्रशासन और लेबर डिपार्टमेंट को संभावित अशांति के बारे में सूचित कर दिया था। इसके बावजूद विभाग द्वारा समय पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसके परिणामस्वरूप यह स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि प्रशासन की निष्क्रियता ने असामाजिक तत्वों को हिंसा फैलाने का अवसर प्रदान किया।
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
उन्होंने मांग की कि हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल उपद्रवी तत्वों की पहचान सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से की जाए।
- दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- प्रभावित उद्योगों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
- औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए।
- लेबर डिपार्टमेंट की भूमिका की जांच की मांग
पवन यादव ने राज्य सरकार से लेबर डिपार्टमेंट की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि जब कर्मचारियों के बीच भ्रम फैल रहा था, तब विभाग ने उसे दूर करने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए।
उद्योगों में भय का माहौल, निवेश पर पड़ सकता है असर इन घटनाओं के बाद आईएमटी मानेसर की हजारों फैक्ट्रियों में भय और असुरक्षा का वातावरण है। उद्योगपति आशंकित हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं, जिससे निवेश और औद्योगिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया, तो इसका असर हरियाणा की औद्योगिक छवि और रोजगार के अवसरों पर भी पड़ सकता है।औद्योगिक शांति के लिए संवाद की आवश्यकता एसोसिएशन ने सरकार, प्रशासन, उद्योगपतियों और श्रमिक संगठनों के बीच त्रिपक्षीय संवाद स्थापित करने पर जोर दिया है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके और औद्योगिक शांति बनाए रखी जा सके।
आईएमटी मानेसर में हुई यह घटनाएं प्रशासनिक सतर्कता, पारदर्शिता और समय पर संवाद की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। यदि संबंधित विभाग समन्वित और सक्रिय भूमिका निभाएं, तो न केवल वर्तमान संकट का समाधान संभव है, बल्कि भविष्य में भी औद्योगिक सौहार्द और विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।







