विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर एसडीएम बादशाहपुर ने मीडिया को दी जानकारी
मतदाता सूची को त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाने के लिए चलाया जाएगा व्यापक अभियान : एसडीएम संजीव सिंगला
बीएलओ घर-घर जाकर एकत्र करेंगे मतदाताओं का विवरण, नए पात्र युवाओं का भी होगा पंजीकरण
21 जुलाई को जारी होगी प्रारूप मतदाता सूची, 18 सितंबर तक दर्ज कराई जा सकेंगी आपत्तियां व दावे
गुरुग्राम, 8 जून।
बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी एवं एसडीएम संजीव सिंगला ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा वर्ष 2026 के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम लागू किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल हों तथा किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में न रहे। वे सोमवार को एसडीएम कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
आयोग द्वारा चरणबद्ध कार्यक्रम तैयार किया गया है।
एसडीएम सिंगला ने बताया कि इस पुनरीक्षण अभियान के लिए 1 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है। ऐसे सभी नागरिक जो इस तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर लेंगे, वे मतदाता के रूप में अपना नाम दर्ज कराने के पात्र होंगे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा चरणबद्ध कार्यक्रम तैयार किया गया है।
नागरिकों को पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 भी उपलब्ध करवाया जाएगा।
एसडीएम ने जानकारी दी कि अभियान के प्रथम चरण में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ), निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) तथा विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित प्रक्रियाओं, नियमों तथा आयोग के दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण उपरांत बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदाताओं का विवरण एकत्र करेंगे। इस दौरान एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाने, फोटो एवं अन्य जानकारियों को अद्यतन करने तथा आवश्यक हस्ताक्षर प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नए पात्र नागरिकों को पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 भी उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके अतिरिक्त मतदाता निर्वाचन आयोग के पोर्टल voters.eci.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन भी कर सकेंगे।
एक ही मतदान केंद्र से संबद्ध रखने का प्रयास किया जाएगा।
एसडीएम ने बताया कि 14 जून से 26 जून तक मतदान केंद्रों के युक्तिकरण का कार्य किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या निर्धारित सीमा से अधिक न हो। साथ ही एक ही परिवार अथवा निकटवर्ती क्षेत्र के मतदाताओं को यथासंभव एक ही मतदान केंद्र से संबद्ध रखने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 21 जुलाई 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 21 जुलाई से 18 सितंबर तक नागरिक दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत कर सकेंगे। जिन व्यक्तियों का नाम सूची में शामिल नहीं होगा या जिनके विवरण में त्रुटियां होंगी, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा।
2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म लेने वाले आवेदकों को
दस्तावेजों के संबंध में जानकारी देते हुए एसडीएम ने बताया कि 1 जुलाई 1987 से पूर्व जन्मे नागरिकों को अपनी पहचान एवं पात्रता से संबंधित एक वैध दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे आवेदकों को स्वयं का एक दस्तावेज तथा माता या पिता में से किसी एक का दस्तावेज जमा करवाना होगा। वहीं 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म लेने वाले आवेदकों को अपना एक दस्तावेज तथा माता-पिता दोनों के एक-एक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक बीएलओ मतदाताओं तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कम से कम तीन बार घर-घर संपर्क करेगा। इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के बीएलए भी मतदाताओं को फॉर्म भरने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे। वर्तमान में बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र में 518 मतदान केंद्र हैं तथा कुल 5 लाख 41 हजार 834 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें से लगभग 21.37 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
आरडब्ल्यूए से अपील वे पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं
एसडीएम संजीव सिंगला ने क्षेत्र के नागरिकों, आरडब्ल्यूए से अपील की कि वे पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा बीएलओ को आवश्यक सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद प्रत्येक मतदाता को अपने नाम, पते और अन्य विवरणों की जांच अवश्य करनी चाहिए तथा किसी भी त्रुटि की स्थिति में निर्धारित समयावधि के भीतर दावा अथवा आपत्ति दर्ज करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा तय समय-सीमा का पालन करना सभी के लिए आवश्यक है और निर्धारित अवधि के बाद प्राप्त दावे स्वीकार नहीं किए जाएंगे।







