अतिथि अध्यापकों को नियमित करने की मांग तेज, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव को सौंपा ज्ञापन
हाईकोर्ट के आदेशों की पालना कर जल्द शुरू की जाए नियमितीकरण प्रक्रिया : RAAS-41
नारनौल, 8 जून। राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ (RAAS-41) ने प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत अतिथि अध्यापकों को नियमित करने की मांग को लेकर हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव को ज्ञापन सौंपा। संघ के प्रतिनिधियों ने मंत्री के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के हालिया आदेशों का हवाला देते हुए नियमितीकरण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग उठाई।
कच्चे कर्मचारियों के नियमितीकरण का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
सर्वोच्च न्यायालय ने भी इन नीतियों को वैध माना
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा वर्ष 2014 में कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने के उद्देश्य से नीतियां बनाई गई थीं। इन नीतियों के तहत विभिन्न विभागों में लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने का प्रावधान किया गया था। मामले को लेकर न्यायालय में चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने भी इन नीतियों को वैध माना है, जिससे कच्चे कर्मचारियों के नियमितीकरण का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
ज्ञापन में कहा गया है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 29 अप्रैल 2026 तथा 27 मई 2026 को दिए गए आदेशों में प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत अतिथि अध्यापकों के मामले पर निर्णय देते हुए नियमितीकरण संबंधी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में सरकार को न्यायालय के आदेशों की भावना के अनुरूप शीघ्र कदम उठाने चाहिए।
न्यायालय के आदेशों के बाद उनकी उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
संघ के प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव से आग्रह किया कि वे इस मांग को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से उठाएं, ताकि वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दे रहे अतिथि अध्यापकों को न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि हजारों अतिथि अध्यापक लंबे समय से नियमितीकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं और न्यायालय के आदेशों के बाद उनकी उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
सरकार से न्यायालय के आदेशों को जल्द लागू कर
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रतिनिधिमंडल की बात को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि ज्ञापन को सरकार के समक्ष रखा जाएगा और नियमानुसार उचित कार्रवाई के लिए संबंधित स्तर पर विचार कराया जाएगा।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि अतिथि अध्यापक वर्षों से विद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ बने हुए हैं। इसलिए उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नियमितीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाना समय की मांग है। उन्होंने सरकार से न्यायालय के आदेशों को जल्द लागू कर अतिथि अध्यापकों को राहत प्रदान करने की अपील की।







