– हथियार लाइसेंस बनवाने के नाम पर
3.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने वाला डीसी कार्यालय का सहायक एसीबी के हत्थे चढ़ा
– 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार, पहले भी ले चुका था नकद व ऑनलाइन भुगतान
करनाल, 15 जून। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम को जारी रखते हुए जिला उपायुक्त कार्यालय करनाल में तैनात एक सहायक (Assistant) को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनिल कुमार पुत्र सुभाष चंद निवासी सेक्टर-21, हुडा, कैथल के रूप में हुई है, जो डीसी कार्यालय करनाल की आरकेई शाखा में सहायक के पद पर कार्यरत है।
क्या था मामला –
प्राप्त जानकारी के अनुसार एसीबी को शिकायत प्राप्त हुई थी कि आरोपी उसके नए शस्त्र लाइसेंस (आर्म लाइसेंस) बनवाने के एवज में 3 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत के अनुसार आरोपी अनिल कुमार ने 12 जून को शिकायतकर्ता से 4 हजार रुपये नकद तथा 6 हजार रुपये ऑनलाइन (फोन-पे के माध्यम से तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन में) प्राप्त किए थे। आरोपी ने शिकायतकर्ता को एक मोबाइल नंबर व्हाट्सएप के माध्यम से भेजकर उस पर राशि ट्रांसफर करवायी थी। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कथित रूप से होमगार्ड ट्रेनिंग सर्टिफिकेट तैयार करवाने के लिए 20 हजार रुपये तथा मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए 30 हजार रुपये अतिरिक्त मांग रखी थी, जबकि शेष 3 लाख रुपये आर्म लाइसेंस जारी करवाने के नाम पर मांगे जा रहे थे।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, करनाल की टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान आरोपी को तहसील परिसर करनाल में शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। इस संबंध में आरोपी के खिलाफ एफआईआर संख्या 12 दिनांक 15.06.2026, धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, करनाल में मामला दर्ज किया गया है।







