रिटायरमेंट के दिन IAS प्रदीप डागर गिरफ्तार, 670 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में CBI की बड़ी कार्रवाई
नई दिल्ली, 1 जुलाई। करोड़ों रुपये के चर्चित बैंक घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रदीप डागर को गिरफ्तार कर लिया। खास बात यह रही कि उनकी गिरफ्तारी उसी दिन हुई, जिस दिन वह सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त (रिटायर) हो रहे थे। इस कार्रवाई के साथ ही प्रदीप डागर इस मामले में गिरफ्तार होने वाले तीसरे आईएएस अधिकारी बन गए हैं।

सरकारी और बैंकिंग व्यवस्था को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचा।
सीबीआई के अनुसार, यह मामला करीब 670 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले से जुड़ा है, जिसकी जांच लंबे समय से चल रही है। एजेंसी का आरोप है कि घोटाले के दौरान नियमों की अनदेखी करते हुए कई स्तरों पर अनियमितताएं की गईं, जिससे सरकारी और बैंकिंग व्यवस्था को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचा।
जांच एजेंसी ने बताया कि मामले में पहले भी दो आईएएस अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब प्रदीप डागर की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और व्यापक हो गया है। सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कई अहम खुलासे होने की संभावना है।
सूत्रों के मुताबिक, प्रदीप डागर से घोटाले में उनकी कथित भूमिका, प्रशासनिक फैसलों और वित्तीय लेन-देन को लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। जरूरत पड़ने पर एजेंसी उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड की मांग भी कर सकती है।
अधिकारियों और संबंधित लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में लगातार हो रही गिरफ्तारियों ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच इसी गति से आगे बढ़ती रही तो आने वाले दिनों में अन्य अधिकारियों और संबंधित लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
सीबीआई ने फिलहाल मामले की जांच जारी होने का हवाला देते हुए अधिक जानकारी साझा नहीं की है। एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







