गुरुग्राम में 12 घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद जल निकासी व्यवस्था की परीक्षा, GMDA CEO पीसी मीणा बोले- शहर में नहीं रुकने देंगे बारिश का पानी
गुरुग्राम, 6 अगस्त। गुरुग्राम में लगातार करीब 12 घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था की परीक्षा ली। कई स्थानों पर शुरुआती घंटों में जलभराव की स्थिति बनी, लेकिन प्रशासन का दावा है कि पहले की तुलना में हालात काफी बेहतर रहे और अधिकांश सेक्टरों तथा मुख्य सड़कों से बारिश का पानी तेजी से निकाल दिया गया। बारिश के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) की टीमें लगातार मैदान में डटी रहीं और हालात पर नजर बनाए रखी।
बारिश के चलते कुछ समय के लिए शहर के कई हिस्सों में जलभराव देखा गया, लेकिन प्रशासन का कहना है कि नालों की समय पर सफाई और ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत किए जाने के कारण पानी पहले की तरह लंबे समय तक सड़कों पर जमा नहीं रहा। विशेष रूप से दिल्ली-जयपुर हाईवे से सटे क्षेत्रों और निचले इलाकों पर प्रशासन की विशेष निगरानी रही, क्योंकि हर वर्ष इन स्थानों पर जलभराव की गंभीर समस्या सामने आती रही है।
बारिश के दौरान यातायात व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाने के लिए गुरुग्राम पुलिस पूरी तरह सक्रिय रही। शहर के प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए। कई स्थानों पर एसीपी स्तर के अधिकारी स्वयं सड़क पर उतरकर ट्रैफिक संचालन की निगरानी करते दिखाई दिए, जिससे वाहनों की आवाजाही सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया गया।
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया के निर्देश पर नगर निगम की टीमें भी लगातार जलभराव वाले क्षेत्रों में सक्रिय रहीं। सफाई कर्मियों और मशीनों की मदद से नालों और ड्रेनेज लाइनों की निगरानी की गई, ताकि पानी का बहाव बाधित न हो और लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।

इस बीच GMDA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने कहा कि गुरुग्राम में बारिश के पानी की निकासी को लेकर व्यापक स्तर पर कार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि मानसून शुरू होने से पहले ही नालों की सफाई, ड्रेनेज नेटवर्क की मरम्मत, नई पाइपलाइन बिछाने और क्षतिग्रस्त नालों के पुनर्निर्माण का अभियान चलाया गया था। इसी का परिणाम है कि इस बार भारी बारिश के बावजूद कई क्षेत्रों से पानी अपेक्षाकृत जल्दी निकल गया।
पीसी मीणा ने कहा कि GMDA का लक्ष्य है कि शहर की किसी भी सड़क, सेक्टर या गली में बारिश का पानी लंबे समय तक जमा न रहे। इसके लिए सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे स्वयं फील्ड में रहकर जल निकासी व्यवस्था की निगरानी करें और जहां भी पानी जमा होने की सूचना मिले, वहां तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि जिन सेक्टरों में हर वर्ष जलभराव की शिकायतें आती थीं, वहां नई ड्रेनेज पाइपलाइन डाली गई है और सीवर लाइनों की व्यापक सफाई कराई गई है। साथ ही कई स्थानों पर जल निकासी क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त कार्य भी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी ड्रेनेज नेटवर्क को और मजबूत बनाया जाएगा, ताकि भारी से भारी बारिश में भी शहर की सामान्य व्यवस्था प्रभावित न हो।
GMDA प्रमुख ने सभी पार्षदों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने में जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उनके सहयोग से स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उनका समय पर समाधान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुरूप GMDA शहर के विकास और आधुनिक ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
हालांकि, कुछ निचले इलाकों में जलभराव की शिकायतें भी सामने आईं, लेकिन प्रशासन का कहना है कि सभी संबंधित विभागों की संयुक्त कार्रवाई के कारण अधिकांश स्थानों पर स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और किसी भी समस्या की सूचना तुरंत संबंधित विभागों को दें।
प्रशासन का मानना है कि लगातार हो रहे ड्रेनेज सुधार कार्यों और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से गुरुग्राम में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या में पहले की तुलना में कमी आई है। आने वाले दिनों में भी बारिश को देखते हुए सभी विभाग अलर्ट मोड पर रहेंगे और शहर में जल निकासी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाते रहेंगे।







