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अरावली की हरियाली बचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री

अरावली संरक्षण और हरित विकास में हरियाणा पूरे एनसीआर के लिए बना उदाहरण: केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव

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अरावली संरक्षण और हरित विकास में हरियाणा पूरे एनसीआर के लिए बना उदाहरण: केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव

पौधारोपण तभी सफल होगा, जब हर पौधे को जीवन देने का संकल्प लिया जाए: कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह

गुरुग्राम, 8 अगस्त।

हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने आह्वान किया कि हरियाणा का प्रत्येक परिवार प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कम-से-कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल भी सुनिश्चित करे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी  गुरुग्राम के मानेसर में आयोजित 77वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव के दूसरे चरण के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा के पर्यावरण, वन एवं वन्य प्राणी मंत्री  राव नरबीर सिंह ने की, जबकि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन तथा पौधारोपण किया। उन्होंने उपस्थितजन को ‘एक पेड़-मां के नाम’ लगाने तथा दूसरों को भी पौधारोपण के लिए प्रेरित करने की शपथ दिलवाई। मुख्यमंत्री ने वन विभाग की पुस्तिका ‘एक पेड़-मां के नाम’ तथा ‘हरियाणा फॉरेस्ट न्यूज’ का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने ‘हरित हरियाणा’ विषय पर आयोजित निबंध, चित्रकला एवं अन्य विभिन्न प्रतियोगिताओं में गुरुग्राम जिला के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में स्वयं को वृक्षों में पीपल बताया है

मुख्यमंत्री ने अरावली पर्वतमाला का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि अरावली बोल सकती, तो वह हमसे पूछती कि हजारों वर्षों तक शुद्ध हवा, जल संरक्षण और जैव विविधता प्रदान करने के बदले हम उसके लिए क्या छोड़कर जाएंगे। उन्होंने कहा कि वन महोत्सव इसी प्रश्न का उत्तर देने का अवसर है। यह केवल पौधारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति अपना ऋण चुकाने और पर्यावरण संरक्षण को जन-संस्कार बनाने का अभियान है।

सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित होंगे वन महोत्सव 

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष वन महोत्सव का पहला चरण 30 जुलाई को करनाल में आयोजित किया गया था और अब दूसरे चरण की शुरुआत मानेसर से की गई है। उन्होंने घोषणा की कि इस वर्ष हरियाणा के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में वन महोत्सव आयोजित किए जाएंगे, ताकि प्रत्येक नागरिक पर्यावरण संरक्षण के इस महाअभियान का भागीदार बन सके।

प्रदेश में विकसित किए 75 नमो पार्क:
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 75 नमो पार्क विकसित किए जा चुके हैं। प्रत्येक जिला मुख्यालय पर 5 से 100 एकड़ क्षेत्र में ऑक्सी-वन विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें पैदल पथ, साइकिल ट्रैक और नागरिकों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। करनाल में ऑक्सी-वन तैयार हो चुका है, जबकि पंचकूला में इसका निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा सोनीपत के मुरथल और यमुनानगर के सढ़ौरा में नगर वन विकसित किए गए हैं तथा प्रदेश के प्रत्येक गांव में ‘पंचवटी’ के नाम से पौधारोपण अभियान चलाया जा रहा है। कुरुक्षेत्र के 48 कोस क्षेत्र के 134 तीर्थ स्थलों पर पंचवटी वाटिकाओं का निर्माण भी प्रारंभ हो चुका है।

भारतीय संस्कृति में प्रकृति को सदैव पूजनीय माना:
मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्ष प्रकृति का ऐसा अद्भुत चमत्कार हैं जिनकी जड़ें अतीत में, तना वर्तमान में और शाखाएँ भविष्य तक फैली होती हैं। एक पौधा लगाना केवल मिट्टी में बीज बोना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सांसों, भविष्य की छाया और पृथ्वी की सुरक्षा का बीजारोपण है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को सदैव पूजनीय माना गया है। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में स्वयं को वृक्षों में पीपल बताया है, जबकि हमारे ऋषियों ने धरती को माता और मनुष्य को उसका पुत्र कहा है। मत्स्य पुराण में भी एक वृक्ष को दस पुत्रों के समान बताया गया है। यही कारण है कि प्रकृति की रक्षा भारतीय संस्कृति का मूल संस्कार है।

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Author: New India News Network

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