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सुरक्षा एवं गुणवत्ता के सर्वोच्च मानकों को बनाए रखते हुए उद्योग अनुपालन और ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ को मिलेगा बढ़ावा

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आईकैट ने बस बॉडी प्रमाणन प्रक्रिया को किया सरल

सुरक्षा एवं गुणवत्ता के सर्वोच्च मानकों को बनाए रखते हुए उद्योग अनुपालन और ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ को मिलेगा बढ़ावा

मानेसर, 8 अगस्त।
सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने तथा बस बॉडी निर्माण उद्योग के लिए अनुपालन मूल्यांकन प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (आईकैट) ने एआईएस-052, एआईएस-153 एवं एआईएस-119 के अंतर्गत प्रमाणन के लिए एक व्यापक प्रक्रिया सरलीकरण ढांचा प्रस्तुत किया है। यह पहल सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के उस मार्गदर्शन के अनुरूप विकसित की गई है, जिसके अनुसार सुरक्षा, गुणवत्ता अथवा नियमों के मूल उद्देश्य से किसी भी प्रकार का समझौता किए बिना नियामकीय प्रक्रियाओं को अधिक सरल, प्रभावी और दक्ष बनाया जाना चाहिए।

उद्योग के विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श तथा विस्तृत तकनीकी अध्ययन के उपरांत आईकैट ने प्रमाणन प्रक्रिया का पुनर्गठन किया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य इंजीनियरिंग कार्यों की अनावश्यक पुनरावृत्ति समाप्त करना, बेहतर समन्वय स्थापित करना, दस्तावेज़ीकरण को सरल बनाना तथा उद्योग को प्रारंभ से लेकर प्रमाणन तक संपूर्ण तकनीकी सहयोग प्रदान करना है। साथ ही, लागू ऑटोमोटिव उद्योग मानकों के अंतर्गत निर्धारित सभी अनिवार्य सुरक्षा सत्यापनों को यथावत बनाए रखा गया है।

संशोधित ढांचे के अंतर्गत उन मामलों में सहयोगात्मक इंजीनियरिंग मूल्यांकन की व्यवस्था की गई है, जहाँ अनेक निर्माता समान डिज़ाइन, सामग्री एवं संरचनात्मक विन्यास का उपयोग करते हैं। ऐसे मामलों में डिज़ाइन समीक्षा, इंजीनियरिंग सिमुलेशन तथा दस्तावेज़ीकरण की प्रक्रिया संयुक्त रूप से की जा सकेगी। हालांकि, प्रत्येक निर्माता के वाहन का व्यक्तिगत निरीक्षण तथा अनिवार्य अनुपालन मूल्यांकन प्रमाणन से पूर्व पूर्ववत किया जाएगा। इससे प्रमाणन प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पूर्णतः सुरक्षित रहेगी तथा कार्यकुशलता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

इस सरलीकृत प्रक्रिया से प्रमाणन की समयावधि में कमी आएगी, पुनःकार्य (रिवर्क) घटेगा, प्रक्रिया अधिक पूर्वानुमेय बनेगी तथा देशभर के निर्माताओं, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए अनुपालन मूल्यांकन अधिक सरल और सुविधाजनक होगा।आईकैट द्वारा प्रस्तुत नया सहयोगात्मक प्रमाणन ढांचा राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन बनाए रखते हुए अनिवार्य बस प्रमाणन लागत में लगभग 50 प्रतिशत तक की कमी लाने में सक्षम हो सकता है।

संशोधित प्रक्रिया से उद्योग को अवगत कराने के उद्देश्य से आईकैट ने मानेसर में “एआईएस-052, एआईएस-153, एआईएस-119 तथा अन्य लागू मानकों के अनुरूप टाइप अप्रूवल प्रमाणन हेतु प्रक्रिया एवं लागत का अनुकूलन” विषय पर एक उद्योग संगोष्ठी का आयोजन किया।

इस अवसर पर आईकैट के निदेशक सौरभ दलेला ने कहा, हमारा उद्देश्य मानकों को सरल बनाना नहीं, बल्कि अनुपालन मूल्यांकन प्रक्रिया को सरल बनाना है। एआईएस-052, एआईएस-153, एआईएस-119 तथा अन्य लागू मानकों की प्रत्येक आवश्यकता का सत्यापन पहले की तरह समान तकनीकी कठोरता के साथ किया जाएगा। हमने केवल अनुपालन मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया है, जिसमें अनावश्यक पुनरावृत्ति समाप्त करना, बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा निर्माताओं को इंजीनियरिंग एवं दस्तावेज़ीकरण में तकनीकी सहयोग प्रदान करना शामिल है।

यह पहल सुरक्षित गतिशीलता, ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ तथा बेहतर नियामकीय अनुपालन के प्रति भारत सरकार की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में आईकैट की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है।

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Author: New India News Network

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