नई दिल्ली, 22 सितंबर 2026, वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन द्वारा नई दिल्ली स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में ‘सनातन संवाद’ राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें जैन आचार्य लोकेशजी को सनातन संस्कृति के संरक्षण संवर्धन और गौरव वृद्धि के लिए उनके द्वारा किए जा रहे विश्वव्यापी प्रयासों के लिए “वर्ल्ड हिंदू गौरव” सम्मान से नवाजा गया।सम्मेलन में जैन आचार्य लोकेशजी के ओजस्वी उद्बोधन से देश भर से समागत प्रतिनिधियों में नये उमंग उत्साह और चेतना का संचार हुआ।सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय सनातन एवं हिंदू सभ्यता की गौरवशाली विरासत, सांस्कृतिक मूल्यों, परंपराओं तथा साझा सांस्कृतिक पहचान से जुड़े विषयों पर संवाद को आगे बढ़ाना था। सेमिनार में देश विदेश से समागत विशिष्ट वक्ताओं का मार्गदर्शन एवं ‘हिंदू गौरव सम्मान’ विशेष आकर्षण का केन्द्र रहे।

इस अवसर पर आचार्य लोकेशजी ने सत्य सनातन धर्म को शाश्वत और त्रैकालिक बताते हुए उसके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए युवापीढी को आव्हान किया उन्होंने शांति, सद्भाव, सह-अस्तित्व और आपसी संवाद को भारतीय संस्कृति के महत्वपूर्ण मानवीय मूल्यों के रूप में रेखांकित किया।आचार्य लोकेशजी ने आगे कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा में मानव कल्याण, शांति और सभी के प्रति सम्मान का व्यापक संदेश निहित है, जिसे विश्व स्तर पर संवाद और सहयोग के माध्यम से आगे बढ़ाया जा सकता है।
आचार्य लोकेशजी ने विभिन्न विचारधाराओं, धर्मों और परंपराओं के बीच संवाद एवं पारस्परिक समरसता को मजबूत करने पर बल देते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, मानवीय मूल्यों, अपनी गौरवशाली विरासत को गहराई से समझने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि अहिंसा और सद्भाव केवल व्यक्तिगत जीवन के मूल्य नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण एवं समावेशी समाज के निर्माण के आधार भी हैं। भारत की विविधता में एकता की परंपरा विश्व के लिए संवाद और सह-अस्तित्व का महत्वपूर्ण संदेश देती है।
सम्मेलन में देश विदेश से आए विशिष्ट वक्ताओं ने संबोधित किया तथा विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, धर्माचार्यों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की। इस दौरान सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत तथा विश्व शांति से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।







