चंडीगढ़, 23 सितंबर- हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि लगभग 135 किलोमीटर लंबा कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और आने वाले समय में यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की पहचान तथा गौरव का प्रतीक बनेगा।
सिंगापुर की नगरीय व्यवस्था का अध्ययन करने के लिए दौरा पर जाएगा एक प्रतिनिधिमंडल ।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2041 की संभावित जनसंख्या और भविष्य की विकास आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार केएमपी एक्सप्रेसवे के दोनों ओर सिंगापुर की तर्ज पर पांच नए शहर विकसित करने के उद्देश्य से पंचग्राम विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड की बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर की नगरीय व्यवस्था का अध्ययन करने के लिए दौरा पर जाएगा।
वर्ष 2030 तक 10 नई आईएमटी स्थापित करने की घोषणा की गई
राव नरबीर सिंह ने कहा कि केएमपी एक्सप्रेस वे हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) की एक अमूल्य संपत्ति है। राज्य सरकार ने निवेश, रोजगार और आधारभूत ढांचे को नई गति देने के लिए औद्योगिक नीति में आवश्यक संशोधन किए हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2030 तक 10 नई आईएमटी स्थापित करने की घोषणा की गई थी। इनमें से पांच आईएमटी को मंजूरी मिल चुकी है और उनके विकास की प्रक्रिया जारी है। प्रस्तावित 10 आईएमटी में से तीन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में केएमपी एक्सप्रेसवे के साथ विकसित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा एनएच- 152 डी भी विकसित भारत 2047 में भी हरियाणा को एक नई पहचान देगा।
उद्योग मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए उद्योग विभाग का बजट 1327.76 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1950.92 करोड़ रुपये किया गया है, जो राज्य सरकार की औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कृषि प्रधान हरियाणा के गुरुग्राम ने आईटी हब के रूप में वैश्विक पहचान बनाई है।
उन्होंने कहा कि केएमपी एक्सप्रेसवे के साथ विकसित होने वाले पांच नए शहर ‘विकसित भारत’ के आकर्षण केंद्र बनेंगे और दिल्ली पर बढ़ते जनसंख्या व यातायात दबाव को कम करने में भी सहायक सिद्ध होंगे।
उद्योग मंत्री ने कहा कि हरित क्रांति का अग्रदूत रहा कृषि प्रधान हरियाणा के गुरुग्राम को आईटी हब के रूप में स्थापित बेंगलुरु और हैदराबाद को पीछे छोड़कर अपनी वैश्विक पहचान बनाई है। आने वाले समय में जब 10 नई आईएमटी विकसित होंगी, तब हरियाणा निश्चित रुप से देश की औद्योगिक क्रांति का सिरमौर बनकर उभरेगा।







