चीफ एडिटर चन्द्रवीर गायत्री
देहरादून, 01 अक्टूबर।
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने दिव्यांगजनों के लिए सिविल सर्विस कोचिंग का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वन क्लिक के माध्यम से राज्य के 9,93,886 पेंशनरों को ₹147.34 करोड़ की पेंशन का भुगतान भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वृद्धजन परिवार के सुरक्षाकवच होते हैं। उनके अनुभव, मार्गदर्शन और आशीर्वाद से परिवार और समाज को मजबूती मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “वृद्धजन परिवार के सुरक्षाकवच हैं, उनके कारण ही घर में ईश्वर का वास होता है।” उन्होंने कहा कि वरिष्ठजनों का सम्मान करना केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कारों का भी हिस्सा है।

वरिष्ठजनों के सम्मान, सुरक्षा और सुविधा की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के प्रत्येक वरिष्ठजन के सम्मान, सुरक्षा और सुविधा की जिम्मेदारी उनकी सरकार की है। सरकार का प्रयास है कि वरिष्ठ नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सके तथा उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि जीवन के लंबे अनुभव से वरिष्ठजनों ने समाज और परिवार के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके अनुभव नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का काम करते हैं। इसलिए समाज के प्रत्येक वर्ग को वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का भाव रखना चाहिए।
9,93,886 पेंशनरों को ₹147.34 करोड़ का भुगतान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वन क्लिक के माध्यम से 9 लाख 93 हजार 886 पेंशनरों को कुल ₹147.34 करोड़ की पेंशन राशि का भुगतान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेंशन वरिष्ठ नागरिकों सहित पात्र लाभार्थियों के लिए आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। सरकार की कोशिश है कि पेंशन का भुगतान पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से समय पर लाभार्थियों तक पहुंचे। वन क्लिक के माध्यम से एक साथ बड़ी संख्या में पेंशनरों को भुगतान किए जाने से डिजिटल माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में भी सरकार की प्रतिबद्धता सामने आई।
दिव्यांगजनों के लिए सिविल सर्विस कोचिंग का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों के लिए सिविल सर्विस कोचिंग की शुरुआत भी की। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांग युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन प्रतिभा और क्षमता के मामले में किसी से कम नहीं हैं। उन्हें उचित अवसर और संसाधन उपलब्ध कराकर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। सिविल सर्विस कोचिंग की सुविधा दिव्यांग युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और उन्हें समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए संवेदनशीलता जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक समय में परिवार और समाज में वरिष्ठजनों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। वरिष्ठ नागरिकों के पास जीवन का व्यापक अनुभव होता है, जिसका लाभ परिवार और युवा पीढ़ी को मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठजनों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। सरकार की योजनाओं के साथ-साथ समाज की भागीदारी भी जरूरी है, ताकि बुजुर्गों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के प्रत्येक वरिष्ठजन के सम्मान, सुरक्षा और सुविधा उनकी जिम्मेदारी है। सरकार वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं और सुविधाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठजनों के सम्मान के साथ उन्हें मिलने वाली सरकारी सुविधाओं और योजनाओं पर भी जोर दिया गया। वहीं, दिव्यांगजनों के लिए सिविल सर्विस कोचिंग की शुरुआत और लाखों पेंशनरों को पेंशन का डिजिटल भुगतान कार्यक्रम के प्रमुख बिंदु रहे।









