नई दिल्ली, 3 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात से पहले हरियाणा के भाजपा मंत्रियों और विधायकों के बीच उत्सुकता के साथ-साथ इस बात को लेकर भी संकोच दिखाई दिया कि आखिर प्रधानमंत्री उनसे क्या सवाल पूछेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा भाजपा के सभी 48 विधायक शनिवार को नई दिल्ली पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर उनसे मुलाकात की। बैठक करीब ढाई घंटे चली।
प्रधानमंत्री के आवास पर पहुंचने से पहले विधायकों के बीच यह चर्चा थी कि बैठक में हरियाणा सरकार के कामकाज, उनके विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों और जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री सीधा फीडबैक ले सकते हैं। एक भाजपा विधायक और मंत्री विपुल गोयल ने भी मुलाकात से पहले कहा कि अंदर जाकर ही पता चलेगा कि मुख्य मुद्दा क्या होगा और प्रधानमंत्री यह पूछ सकते हैं कि विधायक और मंत्री बनने के बाद उन्होंने राज्य और जनता के लिए क्या काम किया।
बसों में सवार होकर PM आवास पहुंचे विधायक

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और सभी भाजपा विधायक एक साथ बसों में सवार होकर प्रधानमंत्री आवास पहुंचे। इससे पहले दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में मुख्यमंत्री के साथ विधायकों ने लंच भी किया। इसके बाद सभी विधायक एक साथ प्रधानमंत्री से मिलने के लिए रवाना हुए।
इस दौरान प्रदेश के वरिष्ठ विधायक और मंत्री अनिल विज भी विधायकों के साथ मौजूद रहे। पहली बार हरियाणा भाजपा के सभी 48 विधायकों के एक साथ प्रधानमंत्री से मिलने की तस्वीर राजनीतिक रूप से भी चर्चा में रही।
करीब ढाई घंटे चला सीधा संवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता और हरियाणा के भाजपा विधायक दल के साथ करीब ढाई घंटे तक बातचीत की। बैठक में सरकार के कामकाज, विधानसभा क्षेत्रों में विकास गतिविधियों और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने विधायकों से उनके-अपने क्षेत्रों का फीडबैक भी लिया।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने विधायकों को अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों में ज्यादा से ज्यादा जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने यह संदेश दिया कि विकास केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जनता को भी उससे जोड़ना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में कम से कम एक ऐसा स्थायी जनसेवा प्रकल्प शुरू करने का सुझाव भी दिया, जो उनके विधायक पद पर रहने तक ही सीमित न हो। इसके लिए स्कूल शुरू करने, जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग करने या इसी तरह के स्थायी जनसेवा कार्यों के उदाहरण दिए गए।
किसानों और जैविक खेती पर भी जोर
बैठक में कृषि क्षेत्र को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधायकों को सुझाव दिए। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने अधिक से अधिक जैविक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को ऑर्गेनिक फार्मिंग के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
हरियाणा कृषि प्रधान राज्य है और बड़ी संख्या में लोग खेती से जुड़े हुए हैं। ऐसे में विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में किसानों से लगातार संवाद बनाए रखने और उन्हें नई कृषि पद्धतियों से जोड़ने की दिशा में काम करने का संदेश दिया गया।
सरकार के कामकाज और योजनाओं पर भी चर्चा

बैठक में हरियाणा सरकार के कामकाज और प्रदेश में लागू की जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने विधायकों से यह जानने की कोशिश की कि सरकार की योजनाओं का जमीन पर कितना प्रभाव दिखाई दे रहा है और जनता की प्रतिक्रिया कैसी है।
पहले से ही यह जानकारी सामने आई थी कि प्रधानमंत्री विधायकों से उनके विधानसभा क्षेत्रों में चल रही विकास परियोजनाओं, सरकारी योजनाओं और जनता की प्रतिक्रिया का फीडबैक ले सकते हैं। मंत्रियों से उनके विभागों के कामकाज और केंद्र की योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी लिए जाने की संभावना जताई गई थी।
पंजाब चुनाव को लेकर भी चर्चा की बात
प्रधानमंत्री और हरियाणा भाजपा विधायक दल की इस बैठक को पंजाब की आगामी चुनावी राजनीति से भी जोड़कर देखा गया। हरियाणा की सीमा पंजाब से लगती है और दोनों राज्यों के बीच सामाजिक तथा राजनीतिक संपर्क भी है।
कुछ रिपोर्टों में बताया गया कि बैठक में पंजाब के राजनीतिक हालात और वहां पार्टी के संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा की संभावना थी। हरियाणा के कुछ भाजपा नेता पंजाब में पार्टी के चुनावी काम में भी भूमिका निभा रहे हैं।
हालांकि, हरियाणा भाजपा अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने इस बैठक को पंजाब चुनाव से जोड़ने से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री ने जुलाई में ही हरियाणा के भाजपा विधायकों से मिलने की बात कही थी और बैठक उसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
SIR को लेकर भी नजरें बैठक पर थीं
यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष भाजपा पर सवाल उठा रहा है। बैठक से पहले राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा थी कि प्रधानमंत्री विधायकों से प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को लेकर फीडबैक ले सकते हैं।
हालांकि, भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने पहले ही स्पष्ट किया था कि प्रधानमंत्री के साथ होने वाली बैठक को SIR विवाद से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, विधायकों के साथ बैठक की योजना पहले से तय थी।
सांसद बैठक में नहीं रहे शामिल

इस बैठक की एक खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री के साथ हुई इस बातचीत में हरियाणा के सभी भाजपा सांसदों को शामिल नहीं किया गया। बैठक का फोकस मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश के भाजपा विधायक दल पर रहा।
हरियाणा विधानसभा में भाजपा के 48 विधायक हैं और सभी विधायक इस बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने विधायक दल का नेतृत्व किया।
संगठन के नए पदाधिकारी भी रहे मौजूद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में हरियाणा भाजपा की नई प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के अलावा पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री और हरियाणा प्रभारी स्मृति ईरानी भी मौजूद रहीं। भाजपा के हरियाणा सह-प्रभारी भोला सिंह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के भी बैठक में शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
भाजपा के संगठनात्मक स्तर पर हाल में हुए बदलाव के बाद प्रधानमंत्री के साथ यह बैठक पहली बड़ी बैठक रही। ऐसे में सरकार और संगठन के बीच तालमेल को लेकर भी इसे महत्वपूर्ण माना गया।
विधायकों में दिखा उत्साह

प्रधानमंत्री आवास पर जाने से पहले विधायकों के बीच इस बात को लेकर जरूर उत्सुकता थी कि प्रधानमंत्री उनसे क्या सवाल करेंगे, लेकिन मुलाकात के बाद विधायकों में उत्साह दिखाई दिया। कई विधायकों ने प्रधानमंत्री के साथ सीधे संवाद को महत्वपूर्ण अवसर बताया।
हरियाणा के 48 भाजपा विधायकों का एक साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना वर्ष 2014 के बाद पहली ऐसी सामूहिक बैठक रही, जिसमें प्रदेश के पूरे भाजपा विधायक दल ने प्रधानमंत्री के साथ सीधे संवाद किया। इससे पहले प्रधानमंत्री के साथ विधायकों की सामूहिक बैठक को लेकर प्रदेश भाजपा में लंबे समय से चर्चा थी।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा भाजपा विधायक दल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई करीब ढाई घंटे की बैठक में विधानसभा क्षेत्रों का फीडबैक, विकास कार्यों में जनभागीदारी, स्थायी जनसेवा प्रकल्प, किसानों और जैविक खेती जैसे विषय प्रमुख रहे। बैठक से पहले विधायकों में प्रधानमंत्री के संभावित सवालों को लेकर जो संकोच था, बैठक के बाद उसकी जगह संवाद और मार्गदर्शन को लेकर उत्साह नजर आया।








