अमित शाह के कार्यक्रम में मीडिया कर्मियों के पेन पर पाबंदी का आरोप, गुरुग्राम पुलिस के व्यवहार की CM से शिकायत

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल: काले झंडे दिखाने वाले नहीं दिखे, पेन पर रही नजर?

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गुरुग्राम, 8 अक्टूबर 2026। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के गुरुग्राम कार्यक्रम के दौरान मीडिया कर्मियों के साथ कथित तौर पर किए गए व्यवहार को लेकर मामला सामने आया है। आरोप है कि कार्यक्रम में कवरेज के लिए पहुंचे कुछ मीडिया कर्मियों को अपने साथ पेन तक ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। इस पूरे मामले की शिकायत हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से की गई है। अमित शाह बुधवार को गुरुग्राम में आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा और सेवा ज्योति यात्रा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत प्रदेश सरकार के मंत्री, भाजपा के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं आम लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था गुरुग्राम पुलिस के जिम्मे थी।

जनसंपर्क विभाग के निमंत्रण पर पहुंचे थे पत्रकार

कार्यक्रम की कवरेज के लिए सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की ओर से मीडिया कर्मियों को निमंत्रण दिया गया था। इसी निमंत्रण के आधार पर विभिन्न समाचार संस्थानों से जुड़े पत्रकार और कैमरापर्सन कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। मीडिया कर्मियों का कहना है कि वे गृह मंत्री के कार्यक्रम की रिपोर्टिंग के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत वहां पहुंचे थे। लेकिन प्रवेश के दौरान सुरक्षा जांच में उन्हें कई तरह की पाबंदियों का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा नाराजगी पेन को लेकर लगाई गई कथित पाबंदी पर सामने आई। पत्रकारों का कहना है कि सुरक्षा जांच के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने उनके पास मौजूद पेन को भी अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी और उन्हें पेन बाहर रखने या फेंकने के लिए कहा गया।

पेन बाहर रखने को लेकर नाराज हुए मीडिया कर्मी

पत्रकारों के लिए पेन और नोटबुक रिपोर्टिंग के बुनियादी उपकरण माने जाते हैं। किसी कार्यक्रम में नेताओं के बयान, घोषणाएं और महत्वपूर्ण जानकारी नोट करने के लिए इनका इस्तेमाल किया जाता है। आरोप है कि जब कुछ मीडिया कर्मियों ने पुलिसकर्मियों से पेन अंदर ले जाने की अनुमति मांगी तो उन्हें कथित तौर पर सख्त लहजे में पेन बाहर रखने के लिए कहा गया। इससे वहां मौजूद कुछ पत्रकार नाराज हो गए। मीडिया कर्मियों का आरोप है कि पुलिस के व्यवहार से उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि उनके साथ सामान्य तरीके से व्यवहार नहीं किया जा रहा है। इसके विरोध में कुछ पत्रकार कार्यक्रम को कवर किए बिना ही वापस लौट गए।

मुख्यमंत्री तक पहुंची शिकायत

मामले को लेकर मीडिया कर्मियों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तक अपनी शिकायत पहुंचाई है। शिकायत में कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा जांच के दौरान पत्रकारों के साथ कथित व्यवहार और पेन ले जाने पर लगाई गई पाबंदी का जिक्र किया गया है। शिकायत करने वाले मीडिया कर्मियों का कहना है कि जब सरकारी विभाग की ओर से उन्हें आधिकारिक तौर पर कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था, तो प्रवेश के समय मीडिया के लिए स्पष्ट और सुविधाजनक व्यवस्था होनी चाहिए थी। उनका कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था अपनी जगह जरूरी है, लेकिन पत्रकारों को रिपोर्टिंग से जुड़े सामान्य सामान के लिए इस तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

दूसरे सामान को लेकर भी चर्चा

कार्यक्रम के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक और चर्चा सामने आई। कुछ लोगों के पास मौजूद बीड़ी के पैकेट को सुरक्षा जांच के दौरान बाहर रखवाए जाने की बात कही गई। आरोप है कि जिन लोगों के बीड़ी के डिब्बे बाहर रखवाए गए थे, उनमें से कुछ लोगों को बाद में उनका सामान वापस नहीं मिला। इसको लेकर भी कार्यक्रम स्थल के बाहर चर्चा होती रही। हालांकि, बीड़ी के पैकेट वापस नहीं मिलने के आरोपों को लेकर गुरुग्राम पुलिस या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। इसलिए इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस का अपना पक्ष संभव

गृह मंत्री स्तर के कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रहती है। ऐसे आयोजनों में सुरक्षा एजेंसियां कई वस्तुओं को अंदर ले जाने से रोक सकती हैं। हालांकि, पत्रकारों का कहना है कि यदि किसी वस्तु को प्रतिबंधित किया गया था तो प्रवेश से पहले मीडिया कर्मियों को इसकी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए थी। मीडिया कर्मियों की शिकायत मुख्य रूप से सुरक्षा नियमों से ज्यादा व्यवहार और संवाद के तरीके को लेकर है।

बड़े कार्यक्रमों में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण

गृह मंत्री के कार्यक्रम में सरकार की घोषणाओं, नेताओं के भाषण और कार्यक्रम से जुड़ी गतिविधियों को जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी मीडिया की होती है। ऐसे में पत्रकारों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ मीडिया के लिए अलग प्रवेश व्यवस्था, आवश्यक उपकरणों की अनुमति और पुलिसकर्मियों की ओर से उचित व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मीडिया कर्मियों का यह भी कहना है कि प्रधानमंत्री और अन्य बड़े राष्ट्रीय नेताओं के कार्यक्रमों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने के बावजूद मीडिया के लिए अलग प्रोटोकॉल और सुविधाएं निर्धारित रहती हैं। इसी वजह से गुरुग्राम में हुए इस घटनाक्रम को लेकर पत्रकारों में नाराजगी देखने को मिली।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल: काले झंडे दिखाने वाले नहीं दिखे, पेन पर रही नजर?

गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पिछले कार्यक्रम के दौरान जब वह बैठक के बाद बाहर निकले थे, तब कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें काले झंडे दिखाए जाने की घटना सामने आई थी। उस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे कि प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री के काफिले के नजदीक तक कैसे पहुंच गए। अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम में मीडिया कर्मियों को पेन तक अंदर ले जाने से रोके जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। पत्रकारों का कहना है कि एक तरफ प्रदर्शन के दौरान काले झंडे दिखाने वाले लोगों को रोकने में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे, वहीं दूसरी तरफ कार्यक्रम को कवर करने पहुंचे मीडिया कर्मियों के पेन जैसी सामान्य वस्तु पर भी कड़ी सुरक्षा जांच की गई।

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Author: New India News Network

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