नई दिल्ली, 8 अक्टूबर 2026। बिहार में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार को महागठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पटना में आक्रोश मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे।
राजद नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अगुवाई में यह मार्च विधानसभा के सामने स्थित शहीद स्मारक से लोक भवन की ओर निकाला गया। रास्ते में पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। इस दौरान तेजस्वी यादव बैरिकेड पर चढ़ गए और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।
बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश
प्रदर्शनकारियों को लोक भवन की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने सुरक्षा बैरिकेड लगाए थे। प्रदर्शनकारियों ने इन बैरिकेडिंग को पार करने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को मौके से हटाया।
पटना पुलिस के अनुसार तेजस्वी यादव को गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया गया। उन्हें और कुछ अन्य नेताओं को पुलिस वाहन के जरिए लोक भवन ले जाया गया, जबकि कुछ अन्य INDIA ब्लॉक नेताओं को मौके से हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शन के दौरान पूर्व CPI(ML) विधायक अजित कुशवाहा के बेहोश होने की भी खबर सामने आई है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
विपक्षी दलों का कहना है कि बिहार में मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर कई सवाल हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में वास्तविक मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं और चुनाव आयोग को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।
इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। हालांकि, चुनाव आयोग और भाजपा ने विपक्ष के राजनीतिक पक्षपात से जुड़े आरोपों को खारिज किया है।
दो दिन से जारी है विरोध प्रदर्शन
महागठबंधन ने बिहार में दो दिन के विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। 7 अक्टूबर को राज्य के विभिन्न प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च और प्रदर्शन किए गए थे। इसके बाद 8 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और पटना में लोक भवन की ओर मार्च का कार्यक्रम रखा गया।
7 अक्टूबर को RJD, कांग्रेस, VIP और वाम दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किए। कई जगहों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले भी जलाए गए।
सड़क पर विपक्ष, बढ़ी राजनीतिक हलचल
पटना में गुरुवार को हुए प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि SIR के जरिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है। विपक्षी दलों ने इस पूरे मुद्दे पर अपनी लड़ाई आगे भी जारी रखने की बात कही है।
प्रदर्शन को देखते हुए पटना में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। लोक भवन और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई।
चुनाव आयोग के खिलाफ देशभर में बढ़ रहा विरोध
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बिहार में शुरू हुआ विरोध अब विपक्षी दलों के देशव्यापी अभियान का हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है। विपक्षी दल SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
वहीं, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य सूची को अधिक सटीक बनाना और अपात्र या डुप्लीकेट नामों को हटाना है। ऐसे में SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक और सार्वजनिक बहस लगातार तेज हो रही है।
बिहार में आज का प्रदर्शन इसी टकराव का एक और बड़ा उदाहरण रहा, जहां विपक्षी नेता सड़क पर उतरे और पुलिस को उन्हें लोक भवन की ओर बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग करनी पड़ी।









