उत्तराखंड के मेहनतकश लोगों को घुसपैठिया बताने पर भड़के महंत लोकेश दास महाराज, बोले—2027 के चुनाव में अखिलेश यादव को मिलेगा जवाब

उत्तराखंड के मेहनतकश लोगों को घुसपैठिया बताने पर भड़के महंत लोकेश दास महाराज, बोले—2027 के चुनाव में अखिलेश यादव को मिलेगा जवाब गंगा को लेकर अखिलेश यादव की कथित टिप्पणी पर जताई कड़ी नाराजगी, कहा—मां गंगा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक

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नई दिल्ली, 27 अक्टूबर। उत्तराखंड के मेहनतकश और संघर्षशील लोगों को कथित तौर पर घुसपैठिया बताने तथा पवित्र गंगा को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की कथित टिप्पणियों पर जगन्नाथ आश्रम, ऋषिकेश के महंत श्री लोकेश दास महाराज ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। दिल्ली के हरियाणा भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने अखिलेश यादव पर उत्तराखंड के लोगों की भावनाओं और मां गंगा के प्रति श्रद्धा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। महंत ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों के सम्मान और धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों पर इस प्रकार की बयानबाजी उचित नहीं है। महंत लोकेश दास महाराज ने कहा कि वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अब अधिक दूर नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव की कथित टिप्पणियों का असर आगामी चुनाव में देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि संत समाज इस प्रकार के बयानों का विरोध करता रहेगा।

जिस गंगा में पिता की अस्थियां लेकर आए, उसी का अपमान कर रहे अखिलेश: महंत

पत्रकारों से बातचीत करते हुए महंत श्री लोकेश दास महाराज ने कहा कि जिस पवित्र गंगा में अखिलेश यादव अपने पिता की अस्थियां लेकर आए थे, उसी गंगा को लेकर उनकी कथित टिप्पणी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने कहा कि मां गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक हैं। देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उत्तराखंड तथा उत्तर प्रदेश के तीर्थस्थलों पर पहुंचते हैं। महंत ने कहा कि गंगा आरती में शामिल होने और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं को देखने के लिए विदेशों से भी बड़ी संख्या में लोग आते हैं। ऐसे में किसी प्रमुख राजनीतिक नेता की ओर से गंगा के संबंध में अपमानजनक टिप्पणी किए जाने का आरोप गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को धार्मिक आस्था और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।

उत्तराखंड के संघर्षशील लोगों को घुसपैठिया कहना दुर्भाग्यपूर्ण

महंत लोकेश दास महाराज ने अखिलेश यादव के उस कथित बयान की भी कड़ी आलोचना की, जिसमें उत्तराखंड के मेहनतकश और संघर्षशील लोगों को घुसपैठिया बताए जाने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोग अपनी मेहनत, संघर्ष और ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियों के बावजूद यहां के लोगों ने देश के विकास और विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महंत ने कहा कि ऐसे लोगों को घुसपैठिया बताना उनकी मेहनत और सम्मान को ठेस पहुंचाने जैसा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उत्तराखंड के लोगों के लिए इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों की भावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और राजनीतिक नेताओं को अपने बयानों की जिम्मेदारी समझनी चाहिए।

2027 के विधानसभा चुनाव का किया जिक्र

महंत श्री लोकेश दास महाराज ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के राजनीतिक रुख की आलोचना की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 अधिक दूर नहीं है और संत समाज अखिलेश यादव की कथित टिप्पणियों का विरोध करेगा। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड के लोगों और धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों पर दिए गए बयानों का राजनीतिक असर चुनाव में देखने को मिल सकता है। महंत ने कहा कि संत समाज धार्मिक आस्था और जनभावनाओं के सम्मान के मुद्दे पर अपनी आवाज उठाता रहेगा।

मुस्लिम समाज को लेकर भी अखिलेश यादव पर लगाए आरोप

पत्रकारों से बातचीत के दौरान महंत लोकेश दास महाराज ने मुस्लिम समाज और समाजवादी पार्टी की राजनीति को लेकर भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव मुस्लिम समुदाय को राजनीतिक समर्थन प्राप्त करने के लिए अपने साथ जोड़ते हैं। महंत ने मुस्लिम समाज के लोगों से राजनीतिक नेताओं के बयानों और कार्यों का आकलन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय को राजनीतिक बयानबाजी के बजाय अपने हितों, विकास और भविष्य से जुड़े विषयों पर ध्यान देना चाहिए।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए महंत ने कहा कि उनके अनुसार केंद्र सरकार हिंदू, मुस्लिम, ईसाई सहित सभी समुदायों के विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए दावा किया कि सरकार की योजनाओं में सभी वर्गों को महत्व दिया जा रहा है।

हिंदू राष्ट्र केवल कहने से नहीं बनता: लोकेश दास महाराज

हिंदू राष्ट्र के सवाल पर महंत श्री लोकेश दास महाराज ने कहा कि केवल किसी के कह देने से हिंदू राष्ट्र नहीं बन जाता। उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र की अवधारणा को समझने के लिए समाज की धार्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक पहचान को समझना जरूरी है। महंत ने कहा कि सबसे पहले लोगों को अपने जीवन में धार्मिक संस्कारों, आचरण और सामाजिक जिम्मेदारियों को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र का निर्माण केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि समाज के लोगों के आचरण और उनके जीवन मूल्यों से होता है।

केवल भगवा वस्त्र पहनने से कोई साधु नहीं बन जाता

महंत लोकेश दास महाराज ने साधु-संतों की भूमिका और उनके आचरण को लेकर भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि केवल भगवा वस्त्र धारण कर लेने से कोई व्यक्ति साधु नहीं बन जाता। साधु बनने के लिए त्याग, तपस्या, संयम, सेवा और समर्पण की भावना आवश्यक होती है। महंत ने कहा कि संत समाज की वास्तविक पहचान उसके आचरण और समाज के प्रति जिम्मेदारी से होती है। उन्होंने कहा कि धार्मिक जीवन में बाहरी दिखावे से अधिक महत्व व्यक्ति के विचारों, संस्कारों और कार्यों का होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि साधु-संतों को समाज में धार्मिक और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता पैदा करने की दिशा में कार्य करना चाहिए।

धार्मिक आस्था और जनभावनाओं का सम्मान जरूरी

महंत श्री लोकेश दास महाराज ने कहा कि भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गंगा जैसी पवित्र नदी से करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है और उत्तराखंड के लोगों की मेहनत तथा संघर्ष का भी सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक नेताओं से धार्मिक और सामाजिक विषयों पर बयान देते समय संयम बरतने की आवश्यकता बताई।दिल्ली के हरियाणा भवन में हुई इस बातचीत के दौरान महंत ने उत्तराखंड के लोगों के सम्मान, मां गंगा की धार्मिक महत्ता, हिंदू राष्ट्र की अवधारणा, मुस्लिम समाज और साधु-संतों की जिम्मेदारियों सहित विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी।

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Author: New India News Network

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