भिवानी, 28 अक्टूबर। हरियाणा के भिवानी जिले में बीती रात भीषण अग्निकांड से हड़कंप मच गया। शहर के व्यस्त नया बाजार क्षेत्र में स्थित एक फर्नीचर शोरूम के गोदाम में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि गोदाम में रखा लाखों रुपये का फर्नीचर और अन्य सामान जलकर खाक हो गया। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग को करीब 12 से 13 गाड़ियों की मदद लेनी पड़ी। दमकल कर्मियों की पांच से छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सका।
रात करीब दो बजे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, यह घटना भिवानी के नया बाजार में हांसी गेट से फूलों वाले चौक के बीच स्थित एक फर्नीचर शोरूम के गोदाम में हुई। बीती रात करीब दो बजे गोदाम में अचानक आग लग गई। गोदाम में बड़ी मात्रा में लकड़ी, प्लाईबोर्ड और फर्नीचर का सामान रखा होने के कारण आग तेजी से फैल गई और कुछ ही समय में उसने विकराल रूप धारण कर लिया।
संकरी गलियां बनीं दमकल विभाग के लिए चुनौती
आग बुझाने के दौरान दमकल विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती घटनास्थल तक पहुंचने की रही। गोदाम संकरी गली में स्थित होने के कारण दमकल विभाग की बड़ी गाड़ियों को अंदर ले जाना संभव नहीं हो पा रहा था। तंग रास्तों के चलते राहत एवं बचाव कार्य में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि, दमकल कर्मियों ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए करीब 100 मीटर लंबे दो से तीन होज पाइप बिछाकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। पाइपों के माध्यम से गोदाम तक पानी पहुंचाया गया और लगातार पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया गया।
12 से 13 दमकल गाड़ियों की लेनी पड़ी मदद
आग की भयावहता को देखते हुए मौके पर एक के बाद एक करीब 12 से 13 दमकल गाड़ियां बुलानी पड़ीं। फायर ऑपरेटर भूपेंद्र सिंह और उनकी टीम ने लगातार पांच से छह घंटे तक कड़ी मशक्कत की। लंबे प्रयास के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया गया।
लाखों रुपये का नुकसान, जनहानि नहीं
इस भीषण अग्निकांड में गोदाम पूरी तरह तबाह हो गया और उसमें रखा लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। आग से हुए कुल आर्थिक नुकसान का भी सटीक आकलन किया जाना बाकी है। जांच के बाद ही आग लगने की वजह और नुकसान की वास्तविक राशि स्पष्ट हो सकेगी।
इस घटना ने एक बार फिर घनी आबादी वाले बाजारों और संकरी गलियों में आग लगने की स्थिति में दमकल विभाग के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर किया है।








