नई दिल्ली/हरियाणा ,18 मार्च।
- किसी व्यापारी या दुकानदार को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है, दिक्कत किसी को है तो वो कांग्रेस को है — नायब सिंह सैनी
- प्रश्नकाल से गायब विपक्ष पर मुख्यमंत्री का कटाक्ष — अपने ही प्रश्नों के उत्तर सुनने सदन में नहीं आते विधायक
हरियाणा विधानसभा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने डिजिटल भुगतान और छोटे व्यापारियों को लेकर बड़ा बयान दिया है। बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल पेमेंट ने छोटे व्यापारियों को नई मजबूती दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज भारत में रेहड़ी—फड़ी वाले भी यूपीआई के जरिए लेन-देन कर रहे हैं, जो देश की बदलती आर्थिक तस्वीर को दिखाता है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए साफ कहा—“किसी व्यापारी या दुकानदार को कोई दिक्कत नहीं है, अगर दिक्कत है तो सिर्फ कांग्रेस को है।” दरअसल, विपक्ष की ओर से सवाल उठाया गया था कि ऑनलाइन खरीदारी बढ़ने से छोटे दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है और इस पर टैक्स लगाने की जरूरत है। इस पर मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष तथ्यों की जानकारी के बिना ही ऐसे मुद्दे उठा रहा है।
उन्होंने कोरोना काल का जिक्र करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने रेहड़ी—फड़ी वालों को बिना ब्याज के 10 हजार रुपये तक का लोन दिया था, ताकि उनका काम प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज व्यापारियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है, बल्कि डिजिटल सिस्टम ने उनके काम को आसान बनाया है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा कटाक्ष भी किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के विधायक अपने ही सवालों के जवाब सुनने के लिए सदन में मौजूद नहीं रहते। उन्होंने कहा—“जब ये लोग अपने सवालों के जवाब सुनने नहीं आते, तो जनता के मुद्दे कैसे उठाएंगे?”
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सियासी माहौल गर्म हो गया है। एक तरफ सरकार डिजिटल इंडिया और व्यापारियों को सशक्त बनाने की बात कर रही है, वहीं विपक्ष इस पर सवाल खड़े कर रहा है। कुल मिलाकर, डिजिटल भुगतान को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव अब और तेज होता दिख रहा है, और आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बन सकता है।







