11 अप्रैल 2026 ।
ईरान से इस वक्त एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर कई गंभीर दावे किए जा रहे हैं, जिनसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है।
हमले में गंभीर रूप से घायल होने का दावा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 28 फरवरी को हुए अमेरिका-इजरायल के हवाई हमले में मोजतबा खामेनेई बुरी तरह घायल हो गए थे। इसी हमले में उनके पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी।
सूत्रों का दावा है कि इस हमले में मोजतबा के चेहरे पर गहरी चोट आई और उनके एक या दोनों पैरों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। कुछ रिपोर्ट्स में यह तक कहा गया है कि उन्होंने अपना एक पैर खो दिया हो सकता है। हालांकि, इन दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान की चुप्पी और “जानबाज़” का जिक्र
ईरान सरकार ने अब तक मोजतबा खामेनेई की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर कोई स्पष्ट बयान जारी नहीं किया है। लेकिन सरकारी मीडिया में उन्हें “जानबाज़” कहा गया है—यह शब्द आमतौर पर युद्ध में गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए इस्तेमाल होता है। इससे अटकलों को और बल मिला है।
घायल लेकिन फैसले लेने में सक्रिय?
दिलचस्प बात यह है कि इतनी गंभीर चोटों के बावजूद मोजतबा खामेनेई के मानसिक रूप से सक्रिय होने की खबरें सामने आ रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, वे ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं और देश के अहम फैसलों में भूमिका निभा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि अमेरिका के साथ होने वाली शांति वार्ता और युद्ध से जुड़े मुद्दों पर भी उनकी नजर बनी हुई है।
सार्वजनिक रूप से गायब, बढ़े सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर वे सक्रिय हैं, तो अब तक सार्वजनिक रूप से सामने क्यों नहीं आए?
8 मार्च को सुप्रीम लीडर बनने के बाद से उनकी कोई तस्वीर या वीडियो सामने नहीं आई है, जिससे उनकी वास्तविक स्थिति को लेकर रहस्य और गहरा गया है।
अमेरिकी दावे और अनिश्चितता
अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने भी दावा किया है कि मोजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हैं और उनका चेहरा प्रभावित हुआ है। कुछ खुफिया रिपोर्ट्स में उनके एक पैर खोने की आशंका जताई गई है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
सत्ता संतुलन पर असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही मोजतबा शारीरिक रूप से ठीक हो जाएं, लेकिन अपने पिता जैसी मजबूत पकड़ बनाना उनके लिए आसान नहीं होगा।
फिलहाल ईरान में कई अहम फैसलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC की भूमिका काफी मजबूत नजर आ रही है, जिससे सत्ता संतुलन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
शांति वार्ता के बीच बढ़ती चिंता
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच अहम शांति वार्ता शुरू होने वाली है। ऐसे में एक घायल और सार्वजनिक रूप से अनुपस्थित नेता की भूमिका पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।







