हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संगठनात्मक अनुशासन के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए पार्टी के 5 विधायकों को तत्काल प्रभाव से प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। यह फैसला हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ मतदान करने के आरोपों के बाद लिया गया।
यह जानकारी हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई।
किन विधायकों पर हुई कार्रवाई?
पार्टी द्वारा जिन विधायकों को निलंबित किया गया है, उनमें ये नाम शामिल हैं:
- शैले चौधरी
- रेणु बाला
- सुरेंद्र सिंह
- मोहम्मद इलियास
- मोहम्मद इजराइल
ये विधायक क्रमशः नारायणगढ़, सढौरा, पुन्हाना और फिरोजपुर झिरका विधानसभा क्षेत्रों से निर्वाचित बताए गए हैं।
राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग बनी वजह
प्रेस रिलीज के अनुसार, संबंधित विधायकों ने हाल ही में संपन्न राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ मतदान किया, जिसे कांग्रेस ने गंभीर अनुशासनहीनता माना है।
पार्टी का कहना है कि यह कदम प्रदेश अनुशासन समिति की सिफारिश और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष की स्वीकृति के बाद उठाया गया है।
राव नरेंद्र सिंह का बड़ा संदेश
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने साफ कहा कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह फैसला सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए स्पष्ट संदेश है कि पार्टी के सामूहिक निर्णयों और अधिकृत रुख के खिलाफ कोई भी गतिविधि करने पर कड़ी कार्रवाई तय है।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
इस फैसले के बाद हरियाणा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस का यह कदम आने वाले समय में पार्टी के अंदर अनुशासन को मजबूत करने के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि इसका असर आगामी चुनावी रणनीति पर भी पड़ सकता है।







