Edition

दिल्ली देहात के वंचितों को मालिकाना हक दिलाने की पहल, 50 साल पुरानी मांग फिर चर्चा में

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

  • दिल्ली देहात के कमजोर, दलित, पिछड़े एवं आर्थिक रूप से वंचित वर्गों की लगभग 50 वर्ष पुरानी मांग को पूरा कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल,
  • दिल्ली के उपराज्यपाल से समाज कल्याण,अनुसूचित जाति / जनजाति कल्याण, सहकारिता एवं निर्वाचन मंत्री रविंदर इंद्राज सिंह ने की मुलाकात, मास्टर प्लान 2041 में वंचित भूमिधरों को मालिकाना हक दिलाने की रखी मांग

दिल्ली, 20 मई।

समाज कल्याण,अनुसूचित जाति / जनजाति कल्याण, सहकारिता एवं निर्वाचन विभाग के कैबिनेट मंत्री रविंदर इंद्राज सिंह ने दिल्ली देहात के कमजोर, दलित, पिछड़े एवं आर्थिक रूप से वंचित वर्गों की लगभग 50 वर्ष पुरानी मांग को पूरा कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने कहा कि इन वर्गों को उनकी जमीनों का मालिकाना हक दिलाने के लिए सरकार स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।

केबिनेट मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने इस विषय में दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू से मुलाकात की ।
उन्होंने पत्र लिखकर दिल्ली देहात के कमजोर एवं वंचित वर्गों को भूमिधारी अधिकार प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में बताया कि वर्ष 1975-76 के दौरान केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली भूमि सुधार अधिनियम के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों को आजीविका और सामाजिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से भूमि आवंटित की गई थी।

इन जमीनों पर पिछले कई दशकों से अनेक परिवार निवास और खेती कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें इन जमीनों का कानूनी मालिकाना अधिकार प्राप्त नहीं हो सका है। इसके कारण इन परिवारों को प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

केबिनेट मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने कहा कि सरकार की मंशा हमेशा से समाज के कमजोर वर्गों को सम्मानजनक जीवन, सामाजिक सुरक्षा और स्थायी आजीविका उपलब्ध कराने की रही है। लेकिन मालिकाना अधिकार न मिलने के कारण इन परिवारों की स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह विषय केवल भूमि स्वामित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक समानता से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए सरकार को मानवीय और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए पात्र लाभार्थियों को शीघ्र भूमि का मालिकाना हक प्रदान करना चाहिए।

केबिनेट मंत्री ने सुझाव दिया कि पात्र परिवारों और उनके वैधानिक उत्तराधिकारियों को शीघ्र भूमिधारी अधिकार देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं और इस मुद्दे को दिल्ली के मास्टर प्लान 2041 में भी उचित रूप से शामिल किया जाए, ताकि इस लंबे समय से लंबित समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

उन्होंने विश्वास जताया कि यदि यह कदम उठाया जाता है तो इससे दिल्ली देहात के हजारों गरीब, दलित और वंचित परिवारों को न्याय, सम्मान और स्थिरता प्राप्त होगी और उनके जीवन स्तर में भी बड़ा सुधार आएगा।

New India News Network
Author: New India News Network

new india news network

Leave a Comment

और पढ़ें