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13 हजार की नौकरी, खाते में आए सिर्फ 3,800 रुपये: कर्मचारी ने HR से मांगा हिसाब, वीडियो वायरल

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नई दिल्ली,29 जून

एक निजी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कर्मचारी दावा करता है कि उसे हर महीने 13 हजार रुपये वेतन मिलने की बात कही गई थी, लेकिन उसके बैंक खाते में केवल 3,800 रुपये ही आए। इसके बाद कर्मचारी ने कंपनी के HR विभाग से वेतन का पूरा हिसाब मांगा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।

वीडियो में कर्मचारी HR से सवाल करता है कि जब उसकी तय सैलरी 13 हजार रुपये थी, तो खाते में इतनी कम राशि क्यों भेजी गई। कर्मचारी का कहना है कि उसे नियुक्ति के समय पूरी सैलरी का आश्वासन दिया गया था, लेकिन भुगतान के दौरान कई तरह की कटौतियां कर दी गईं। उसने यह भी पूछा कि आखिर किन मदों में पैसे काटे गए और इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई।

वीडियो में HR कर्मचारी को वेतन पर्ची (सैलरी स्लिप) और कटौतियों का विवरण समझाने की कोशिश करता दिखाई देता है। हालांकि, वायरल क्लिप में पूरी बातचीत नहीं दिखाई गई है, इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कर्मचारी की पूरी सैलरी में से किन-किन कारणों से कटौती की गई थी या कंपनी का अंतिम पक्ष क्या है।

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ यूजर्स कर्मचारी के समर्थन में लिख रहे हैं कि किसी भी कर्मचारी को उसकी सैलरी और कटौतियों की स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि कई बार कर्मचारी पूरे महीने काम नहीं करते, देर से जॉइन करते हैं या वैधानिक कटौतियों और अन्य नियमों के कारण शुरुआती महीने में कम वेतन मिलता है।

श्रम विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी कर्मचारी को नियुक्ति पत्र, वेतन संरचना (Salary Structure) और सैलरी स्लिप को ध्यान से पढ़ना चाहिए। यदि वेतन में किसी प्रकार की कटौती की जाती है, तो कंपनी का दायित्व है कि वह उसका स्पष्ट विवरण उपलब्ध कराए। कर्मचारी को भी अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए और किसी भी संदेह की स्थिति में HR या संबंधित विभाग से लिखित रूप में जानकारी मांगनी चाहिए।

फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है। हालांकि, इस मामले में कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और न ही यह पुष्टि हुई है कि कर्मचारी के दावे पूरी तरह सही हैं। इसलिए वायरल वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों का सामने आना जरूरी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों से यह संदेश मिलता है कि कंपनियों और कर्मचारियों के बीच वेतन, कटौतियों और रोजगार की शर्तों को लेकर पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण है। इससे गलतफहमियों से बचा जा सकता है और कार्यस्थल पर भरोसा भी मजबूत होता है।

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Author: New India News Network

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