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विश्व अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस पर डीएलएसए ने चलाया विधिक जागरूकता अभियान

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विश्व अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस पर डीएलएसए ने चलाया विधिक जागरूकता अभियान

राजकीय विद्यालयों में विधिक जागरूकता शिविर और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिताओं का आयोजन

विद्यार्थियों को न्याय, मानवाधिकार और निःशुल्क विधिक सहायता की दी जानकारी

गुरुग्राम, 17 जुलाई- विश्व अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (डीएलएसए), गुरुग्राम द्वारा जिले के विभिन्न राजकीय विद्यालयों के विधिक साक्षरता क्लबों में विधिक जागरूकता शिविर एवं पोस्टर निर्माण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम नरेंद्र सुरा के मार्गदर्शन तथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम निशा के निर्देशन में आयोजित किए गए।

शिविरों का उद्देश्य विद्यार्थियों को न्याय, समानता, विधि के शासन, मानवाधिकारों तथा सभी के लिए न्याय तक समान पहुंच के महत्व के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान पैनल अधिवक्ताओं एवं पैरा लीगल वालंटियर्स ने विद्यार्थियों को विश्व अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस के महत्व से अवगत कराते हुए बताया कि प्रत्येक व्यक्ति के अधिकारों और सम्मान की रक्षा में न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

कार्यक्रम के तहत विधिक साक्षरता क्लबों में पोस्टर निर्माण प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने ‘सभी के लिए न्याय’, ‘मानवाधिकार’, ‘कानून के समक्ष समानता’ तथा ‘न्याय से शांति’ जैसे विषयों पर आकर्षक एवं संदेशपरक पोस्टर बनाकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया प्रतिभागियों ने चित्रों के माध्यम से न्याय एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी समझ को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

शिविरों के दौरान विद्यार्थियों को जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जा रही निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं की जानकारी भी दी गई। उन्हें बताया गया कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही विद्यार्थियों को कानून का सम्मान करने, अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने तथा अपने परिवार और समाज में भी विधिक जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण निशा ने कहा कि विधिक साक्षरता क्लब विद्यार्थियों में संवैधानिक मूल्यों, विधिक जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को जागरूक, जिम्मेदार एवं कानून का सम्मान करने वाला नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं।

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Author: New India News Network

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