राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित, प्रधानमंत्री मोदी बोले- पेपर लीक के दोषियों को मिलेगी सख्त सजा
नई दिल्ली, 21 जुलाई। संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को राज्यसभा की कार्यवाही हंगामे के बीच दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। विपक्ष द्वारा विभिन्न मुद्दों पर जोरदार विरोध और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी, जिसके बाद सभापति ने सदन को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार पेपर लीक जैसे मामलों को लेकर पूरी तरह गंभीर है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “पेपर लीक करने वालों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होगी।”
उधर, दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है। सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी धरनास्थल पर पहुंचने लगे हैं। दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के जवान पूरे इलाके में तैनात हैं तथा सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के साथ हुई बैठक में तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं। इनमें सोनम वांगचुक की रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा NEET परीक्षा विवाद से जुड़े मृत छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग शामिल है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक इन मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई है तथा उन्होंने प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने की अपील की है।
वहीं समाजसेवी अन्ना हजारे ने भी कहा है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन में शामिल होंगे। दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने सोमवार के प्रदर्शन के संबंध में कई लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
राजधानी में संसद सत्र और जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।







