जंतर-मंतर लाठीचार्ज के बाद RML अस्पताल पहुंचे अरविंद केजरीवाल, घायल छात्रों से की मुलाकात; केंद्र सरकार पर साधा निशाना
नई दिल्ली, 21 जुलाई। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों का हालचाल जानने के लिए मंगलवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचे। उनके साथ आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
अस्पताल पहुंचने के बाद अरविंद केजरीवाल ने पुलिस कार्रवाई में घायल हुए छात्रों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों से इलाज की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली तथा छात्रों और उनके परिजनों से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया।
पुलिस कार्रवाई पर केंद्र सरकार को घेरा
मीडिया से बातचीत के दौरान अरविंद केजरीवाल ने जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने वाले छात्रों के साथ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया।
केजरीवाल ने कहा, “सरकार ने छात्रों को बेरहमी से दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। छात्र हाथ जोड़कर अपनी बात कह रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस लगातार उन पर लाठियां बरसाती रही। जिस तरह का व्यवहार छात्रों के साथ किया गया, वह लोकतंत्र के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”
उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं और छात्रों की बात सुनी जानी चाहिए, लेकिन उनकी आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग करना उचित नहीं है।
प्रधानमंत्री पर भी बोला हमला
अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि देश किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का है।
उन्होंने कहा, “यह देश प्रधानमंत्री के पिता का नहीं, बल्कि देश की जनता का है। जब छात्र अपने भविष्य की चिंता को लेकर सड़कों पर थे, तब सरकार को उनसे बातचीत करनी चाहिए थी। इसके बजाय पुलिस कार्रवाई हुई और छात्र घायल हो गए।”
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र लगातार हाथ जोड़कर पुलिस से अपील करते रहे, लेकिन इसके बावजूद उन पर लाठीचार्ज जारी रहा। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि कहीं अत्यधिक बल प्रयोग हुआ है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
संजय सिंह भी पहुंचे अस्पताल
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी घायल छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है और उनकी आवाज को दबाने के बजाय सरकार को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
संजय सिंह ने कहा कि छात्रों के साथ हुई घटना बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ने आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया है तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
जंतर-मंतर पर जारी है प्रदर्शन
इस बीच जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का दौर जारी है। बड़ी संख्या में छात्र और प्रदर्शनकारी धरनास्थल पर पहुंच रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग है कि सरकार उनके प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत करे और उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय ले।
सरकार और पुलिस का पक्ष
सरकार की ओर से कहा गया है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है और पेपर लीक जैसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई थी।
हालांकि, पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष और प्रदर्शनकारी लगातार सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई जारी है।
इस समाचार में पुलिस कार्रवाई, सरकार और प्रधानमंत्री पर लगाए गए आरोप अरविंद केजरीवाल एवं अन्य विपक्षी नेताओं के सार्वजनिक बयानों पर आधारित हैं। सरकार और पुलिस का आधिकारिक पक्ष भी शामिल किया गया है ताकि सभी पक्षों की जानकारी पाठकों तक पहुंच सके।







