स्वच्छता व्यवस्था में लापरवाही पर सख्त हुईं गुरुग्राम की मेयर, टेंडर शर्तों का पालन नहीं करने वाली एजेंसियां होंगी ब्लैकलिस्ट
गुरुग्राम, 23 जुलाई। गुरुग्राम शहर की स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा ने नगर निगम अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर सफाई व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए। मेयर ने स्पष्ट कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। टेंडर की शर्तों का पालन नहीं करने वाली एजेंसियों पर न केवल आर्थिक दंड लगाया जाएगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा।
वीरवार को मेयर कार्यालय में आयोजित इस बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया, अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी, यश जालुका, रविन्द्र यादव, कुशल कटारिया, पूजा चांवरिया एवं डॉ. जयवीर यादव, संयुक्त आयुक्त डॉ. नरेश कुमार, डॉ. प्रीतपाल सिंह, सपना यादव तथा कार्यकारी अभियंता सुंदर श्योराण सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था, एजेंसियों की कार्यप्रणाली और टेंडर शर्तों के अनुपालन की विस्तार से समीक्षा की गई।

मेयर राजरानी मल्होत्रा ने अधिकारियों से कहा कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था शहर की स्वच्छता की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। इसलिए सभी एजेंसियों को टेंडर के अनुसार निर्धारित संख्या में वाहन, कर्मचारी और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने होंगे। यदि किसी एजेंसी द्वारा अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किया जाता है या पर्याप्त वाहन उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक वार्ड में संचालित डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहनों की पूरी जानकारी संबंधित वार्ड पार्षदों को उपलब्ध कराई जाए। इस जानकारी में वाहन संख्या, संबंधित एजेंसी का नाम और एजेंसी प्रतिनिधि का संपर्क नंबर शामिल होगा, ताकि स्थानीय स्तर पर भी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा सके और किसी भी प्रकार की शिकायत का त्वरित समाधान हो सके।
मेयर ने दोहराया कि नगर निगम की प्राथमिकता शहर के प्रत्येक घर से समयबद्ध और नियमित रूप से कचरा संग्रहण सुनिश्चित करना है। इसके लिए एजेंसियों की जवाबदेही तय करना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “या तो एजेंसियां टेंडर के अनुरूप सभी वाहन उपलब्ध कराएं, अन्यथा ब्लैकलिस्ट होने के लिए तैयार रहें।”
बैठक के दौरान नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी एजेंसियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और जहां भी अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन सामने आए, वहां नियमानुसार पेनल्टी लगाने के साथ-साथ कारण बताओ नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि “स्वच्छ गुरुग्राम हमारा संकल्प है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। नागरिकों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वच्छता सेवाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमों की अनदेखी करने वाली एजेंसियों के खिलाफ पेनल्टी के साथ-साथ ब्लैकलिस्ट करने जैसी कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।”
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम लगातार डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था की निगरानी कर रहा है। अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने वाली एजेंसियों पर नियमानुसार कार्रवाई जारी है। उनका उद्देश्य शहर के प्रत्येक नागरिक तक समयबद्ध, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण स्वच्छता सेवाएं पहुंचाना है।







