रणबीर की ‘रामायण’ की वह गणित जो इस फिल्म को बनाती है सबसे अलग
1200 करोड़ रुपये होने की चर्चा है।
नई दिल्ली , 26 जुलाई। जब से नमित मल्होत्रा ने अपनी फिल्म ‘रामायण’ की घोषणा की है, तब से ही यह फिल्म लगातार चर्चा में बनी हुई है। शुरुआत में यह फिल्म अपने भारी-भरकम बजट और फिर अपनी स्टारकास्ट की वजह से सुर्खियों में रही। अब हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फिल्म के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स ने एक बार फिर नया बज़ क्रिएट कर दिया है।
फिल्म का बजट लगभग 4000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है

कहा जा रहा है कि फिल्म ने नॉर्थ इंडिया के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स धर्मा प्रोडक्शंस को दिए हैं, जबकि हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसका वितरण सोनी पिक्चर्स कर रही है।
सबसे खास बात यह है कि इस फिल्म का बजट लगभग 4000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जबकि इसकी मार्केटिंग कॉस्ट करीब 1200 करोड़ रुपये होने की चर्चा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि आखिर यह फिल्म हिट कैसे होगी?
आइए, इस फिल्म से जुड़ी कुछ दिलचस्प गणित को समझते हैं।
भारत में अब तक सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म ने भी लगभग 1000 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। ऐसे में अगर इन आंकड़ों को देखा जाए, तो केवल अपनी लागत निकालने के लिए ही ‘रामायण’ को भारत की सबसे सफल फिल्म से कई गुना ज्यादा कमाई करनी होगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन नहीं करती तो
अब सवाल यह है कि क्या यह फिल्म अपनी प्रोडक्शन कॉस्ट निकाल पाएगी? और क्या यह मुनाफा भी कमा सकेगी?
फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा, जो विश्व प्रसिद्ध DNEG कंपनी के मालिक भी हैं, उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन नहीं करती, तो वह इसे सफल नहीं मानेंगे।
नमित मल्होत्रा के इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि फिल्म का फोकस भारतीय बाजार के बजाय पश्चिमी बाजार पर रखना सही नहीं है, क्योंकि ‘रामायण’ हर भारतीय की भावनाओं से जुड़ी हुई है।
वहीं, कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिल्म का विशाल बजट ही इसकी सबसे बड़ी मजबूरी है। इसी वजह से मेकर्स को इंटरनेशनल मार्केट पर अधिक फोकस करना पड़ रहा है। इस फिल्म को वास्तविक अर्थों में सफल बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ी सफलता हासिल करना बेहद जरूरी होगा।
अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में फिल्म की मार्केटिंग का फोकस अंतरराष्ट्रीय बाजार पर ज्यादा रहता है या फिर भारत में।







