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1 करोड़ रुपये तथा गांव के विकास कार्यों के लिए 51 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की

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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जींद के उझाणा गांव में आयोजित मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह में की शिरकत

उझाणा में सामुदायिक केंद्र बनवाने के लिए 1 करोड़ रुपये तथा गांव के विकास कार्यों के लिए 51 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की

नई दिल्ली , 27 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने कहा कि संत-महापुरुषों का जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत होता है। उनके आदर्श मानवता, सेवा, समरसता और राष्ट्र निर्माण का संदेश देते हैं। वर्तमान पीढ़ी को उनके जीवन मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है, ताकि समाज में सद्भाव और संस्कारों की भावना और अधिक मजबूत हो सके।

मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने यह बात सोमवार को जींद जिले के गांव उझाना में श्री श्री 1008 सिद्ध बाबा खाक नाथ  महाराज के नवनिर्मित समाधि स्थल पर आयोजित मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी, हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा, रोहतक स्थित मठ अस्थल बोहर के महंत तथा राजस्थान के तिजारा से विधायक महंत बालक नाथ, उझाना मठ के महंत राज नाथ, महंत पूर्ण नाथ सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। 

ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने उझाना में सामुदायिक केंद्र के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये तथा गांव के अन्य विकास कार्यों के लिए 51 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांग के अनुरूप गांव में सड़क निर्माण, कुंड तालाब के जीर्णोद्धार, पानी निकासी का स्थाई समाधान तथा गांव के स्कूल में विज्ञान संकाय शुरू करवाई जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मंदिर में मत्था टेका तथा यज्ञ में पूर्णाहुति दी और ध्वजारोहण भी किया।

मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि किसी महा मानव की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा का अर्थ केवल विधि-विधान से पूजा संपन्न करवाना नहीं होता बल्कि अपने जीवन में श्रद्धा को प्रतिष्ठित करना, अपने आचरण में सत्य को अपनाना, अपने व्यवहार में करुणा को उत्पन्न करना तथा समाज में सेवा तथा सद्भाव को प्रतिष्ठित करना है। उन्होंने खुशी जाहिर की कि उझाना का पावन मठ लगभग 600 वर्षों से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति हमारी आध्यात्मिक परंपरा में है।

नायब सिंह सैनी ने उझाना के धाम द्वारा गौशाला के संचालन की सराहना करते हुए कहा कि गौशाला भारतीय संस्कृति की करुणा और संवेदना का जीवंत प्रतीक है। हमारी परंपरा में गौसेवा धार्मिक आस्था होने के साथ-साथ सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है। प्रकृति और गौमाता की रक्षा व सम्मान की संस्कृति ही भारत को विश्वगुरु बनाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों ने सदैव समाज को एकजुट करने, मानव सेवा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया है। जब-जब समाज भटका है, तब-तब संतों ने दीपक बनकर समाज को नई रोशनी दिखाई है। संतों के बताए मार्ग पर चलकर ही सशक्त और संस्कारित समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार संत-महापुरुषों के विचारों और उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने ‘संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना’ शुरू की है, जिसके माध्यम से महापुरुषों की जयंतियां और स्मृति दिवस व्यापक स्तर पर मनाए जा रहे हैं, ताकि नई पीढ़ी उनके जीवन से प्रेरणा ले सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक मूल्यों को नई पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल लोक जैसे कार्य भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। मोदीजी के नेतृत्व में जहां एक तरफ देश में आधुनिक ढांचे और सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ हमारी प्राचीन आध्यात्मिक परंपराएं संवर रही है।

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Author: New India News Network

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