गुरुग्राम में बम धमाके की धमकी से हड़कंप, DC ऑफिस और कोर्ट को बनाया निशाना
गुरुग्राम, 31 जुलाई। गुरुग्राम में एक धमकी भरे ईमेल के सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। कथित ईमेल में गुरुग्राम के DC ऑफिस, एक स्कूल, हरियाणा कोर्ट और दिल्ली स्थित संसद भवन समेत कई संवेदनशील स्थानों को बम धमाके से निशाना बनाने की धमकी दिए जाने का दावा किया गया है। ईमेल सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस अलर्ट हो गई हैं।
कथित धमकी भरे ईमेल में अलग-अलग स्थानों को निशाना बनाने के लिए अलग-अलग समय का उल्लेख किया गया है। ईमेल में दावा किया गया है कि गुरुग्राम के DC ऑफिस को रात करीब 3 बजकर 11 मिनट, गुरुग्राम के एक स्कूल को 1 बजकर 11 मिनट, हरियाणा कोर्ट को 2 बजकर 11 मिनट और दिल्ली संसद भवन को 4 बजकर 11 मिनट पर निशाना बनाया जाएगा।

5 अगस्त तक धमाकों की धमकी का दावा
कथित ईमेल में 5 अगस्त तक धमाकों की धमकी देने की बात कही गई है। इसके अलावा 15 अगस्त तक स्कूलों को निशाना बनाने की धमकी का भी उल्लेख होने का दावा किया गया है। ईमेल में कई संवेदनशील स्थानों का जिक्र होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटी हैं।
CJP छात्रों से जुड़ी FIR वापस लेने की मांग
धमकी भरे ईमेल में कथित तौर पर CJP छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने की मांग भी की गई है। इसके साथ ही ईमेल में आपत्तिजनक और कथित अलगाववादी नारों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।
ईमेल में प्रधान, मेयर, जज और मीडिया चैनलों के पत्रकारों को फोन करके इस धमकी की जानकारी देने की बात भी लिखे जाने का दावा है। इसके अलावा परिवारों को कथित तौर पर धमकी देने का भी उल्लेख किया गया है।
प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों को निशाना बनाने का दावा
कथित ईमेल में एक और गंभीर दावा किया गया है। इसमें 5 अगस्त को संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर को निशाना बनाने जैसी धमकी का उल्लेख होने की बात सामने आई है।
ईमेल के अंत में भेजने वाले ने खुद को “Khalistan National Army” से जुड़ा बताते हुए कुछ नामों का भी उल्लेख किया है।
ईमेल की प्रामाणिकता की जांच जरूरी

हालांकि, इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ईमेल में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि धमकी भेजने वाला वास्तव में वही व्यक्ति या संगठन है, जिसका नाम ईमेल के अंत में लिखा गया है।
ऐसे में जांच एजेंसियों के सामने ईमेल की वास्तविकता और उसके स्रोत का पता लगाना सबसे बड़ी चुनौती है। साइबर और तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा सकती है कि ईमेल किस स्थान या सिस्टम से भेजा गया और इसके पीछे कौन व्यक्ति या समूह हो सकता है।
संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा को लेकर अलर्ट
धमकी में सरकारी कार्यालय, अदालत, स्कूल और संसद जैसे संवेदनशील स्थानों का जिक्र होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं करना चाहेंगी। ऐसे मामलों में संबंधित स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के साथ-साथ संदिग्ध वस्तुओं और गतिविधियों पर भी नजर रखी जाती है।
फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हैं। जांच के दौरान ईमेल की सामग्री, उसके स्रोत और धमकी के पीछे संभावित मकसद को खंगाला जाएगा।
साजिश या डर फैलाने की कोशिश?
अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह ईमेल वास्तव में किसी गंभीर साजिश का हिस्सा है या फिर सुरक्षा एजेंसियों को भ्रमित करने और लोगों के बीच डर का माहौल पैदा करने की कोशिश है।
फिलहाल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे अहम प्राथमिकता संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और धमकी की वास्तविकता का पता लगाना है।







