भिवानी, 28 सितंबर : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के देशव्यापी आह्वान पर सोमवार को भिवानी में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा चुनाव आयोग की निष्पक्षता और कथित वोट चोरी के गंभीर मुद्दों को लेकर रोष प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने शहर की सडक़ों पर उतरकर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना आक्रोश प्रकट किया। प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व विधायक डा. शिव शंकर भारद्वाज ने किया तथा अध्यक्षता जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) अनिरूद्ध चौधरी एवं जिला अध्यक्ष (शहरी) प्रदीप गुलिया जोगी ने की।
प्रदर्शन की शुरुआत स्थानीय क्राऊन प्लाजा से हुई। यहां बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग एकत्रित हुए। क्राऊन प्लाजा से शुरू हुआ यह रोष मार्च शहर के मुख्य बाजारों और विभिन्न व्यस्त मार्गों से गुजरते हुए लघु सचिवालय पहुंचा तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग पर सत्ताधारी दल के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयुक्त के पुतले को आग के हवाले कर रोष जताया और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया बहाल करने की मांग की।

सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के इशारों पर काम कर रहा है
इस मौके पर जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) अनिरूद्ध चौधरी एवं जिला अध्यक्ष (शहरी) प्रदीप गुलिया जोगी ने लघु सचिवालय पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर तीखे प्रहार किए। प्रदीप गुलिया जोगी ने कहा कि आज देश का लोकतंत्र गंभीर खतरे में है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिशा-निर्देशों पर कांग्रेस सडक़ों पर उतरने को मजबूर हुई हैं, क्योंकि जिस तरह से चुनाव आयोग अपनी निष्पक्षता खो चुका है और सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के इशारों पर काम कर रहा है, वह अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि चुनाव किसी भी लोकतंत्र की रीढ़ होते हैं। जब चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता ही खत्म हो जाएगी और वोट चोरी जैसे गंभीर आरोप उठेंगे, तो आम जनता का लोकतांत्रिक संस्थाओं से विश्वास उठ जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार निष्पक्ष भूमिका निभाने में पूरी तरह विफल साबित हुए। भाजपा सरकार हार के डर से संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है और जनमत को चुराने का प्रयास कर रही है।
कांग्रेस पार्टी देश के संविधान, लोकतंत्र और जनता के हर एक वोट की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पिछले करीब दो वर्षों से चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और वोट चोरी के गंभीर मुद्दों को लगातार प्रमुखता से उठाते आ रहे हैं। राहुल गांधी ने ईवीएम की विश्वसनीयता, मतदाता सूचियों में कथित गड़बडिय़ों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर बार-बार सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप रहा है कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर कर जनता के जनादेश को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन राहुल गांधी द्वारा वोट चोरी गंभीर मुद्दे पर ध्यान देने की बजाए भाजपा सरकार ने अपनी गलती छिपाने के लिए उसे राजनीतिक स्टंट करार दे दिया। जिसके चलते आज देश का लोकतंत्र गंभीर खतरे में है।
इस मौके पर पूर्व विधायक डा. शिव शंकर भारद्वाज ने कांग्रेस पार्टी देश के संविधान, लोकतंत्र और जनता के हर एक वोट की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। अगर चुनाव आयोग ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और निष्पक्षता की गारंटी नहीं दी, तो कांग्रेस पार्टी इस आंदोलन को और तेज करेगी तथा सडकों से लेकर संसद तक जनता की आवाज को बुलंद करेगी। इस रोष प्रदर्शन में भिवानी जिला कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, विभिन्न प्रकोष्ठों व विभागों के संयोजक, ब्लॉक अध्यक्ष, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता भारी तादाद में शामिल रहे।
संसद तक जनता की आवाज को बुलंद करेगी।
इस अवसर पर पूर्व सीपीएस रामकिशन फौजी, कु. बीर सिंह, संदीप सिंह, सत्यजीत पिलानिया, सुरेंद्र परमार ईटीओ, नरेश तंवर जीएम, देवराज महता, कमल प्रधान, रूपेंद्र ग्रेवाल जिला पार्षद, दिनेश कौशिक ब्लॉक अध्यक्ष, कृष्ण कुमार, सतबीर परमार, विरेंद्र ग्रेवाल, अनिल नेहरा, कुलदीप ब्लॉक अध्यक्ष, मनदीप सुई युवा जिला अध्यक्ष, प्रताप सरपंच जिला अध्यक्ष पंयायती राज, रजनीश कुमार प्रधान, विरेंद्र बापोड़ा एससी प्रधान, शिव कुमार चांगिया एससी प्रधान शहरी, ईश्वर प्रधान, अजय वैद, समीर खटीक, अमन तंवर राघव, सविता मान, मुकेश पहाड़ी, शीला गौरा, इंग्लेश लता, अनिता देवी, ईश्वर मान, कमल सेवा दल, विजेंद्र सिवाच, विरेंद्र फौजी ग्रेवाल, संजीव जांगलान, मा. बलवंत घणघस, राजकुमार धनखड़, कर्ण सिंह, रघुबीर रूघा, बलवान पूर्व पार्षद, अशोक जोगी पूर्व पार्षद, अजय हालुवासिया, प्रमिला देवी, मनजीत लांग्यान, रणदीप हुड्डा, संजय गांधी, प्रवीण बूरा, सुमित बराड़, अक्षित घणघस एनएसयूआई, कुलवंत कोंटिया, पप्पू गुज्जर, लक्ष्मण वर्मा, मा. रविंद्र, डा. फूल सिह धनाना, महेंद्रपाल यादव, रामहेर जांगड़ा सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।









