446 करोड़ रुपये की हरेरा बकाया राशि की वसूली के लिए सख्ती, संपत्तियों की कुर्की और गिरफ्तारी की कार्रवाई भी होगी
गुरुग्राम, 30 सितंबर। घर खरीदारों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गुरुग्राम जिला प्रशासन ने हरेरा, गुरुग्राम द्वारा निर्धारित जुर्माने और रिफंड राशि का भुगतान नहीं करने वाले 71 बिल्डरों एवं प्रमोटरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। इन डिफॉल्टर बिल्डरों के खिलाफ कुल 446 करोड़ रुपये के रिकवरी सर्टिफिकेट लंबित हैं। इनमें कई मामले ऐसे हैं, जिनमें चार वर्ष से अधिक समय से बकाया राशि की वसूली नहीं हो पाई है। जिला प्रशासन ने अब इन मामलों में सख्ती बढ़ाते हुए सभी 71 डिफॉल्टर बिल्डरों के बैंक खाते तत्काल प्रभाव से फ्रीज करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही उनकी चल और अचल संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

रेरा एक्ट के तहत कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार, रेरा अधिनियम 2016 की धारा 40(1) के तहत प्राधिकरण द्वारा निर्धारित राशि को भू-राजस्व के बकाये की तरह वसूल किया जा सकता है। इसी प्रावधान के तहत जिला प्रशासन ने रिकवरी की कार्रवाई शुरू की है। पंजाब लैंड रेवेन्यू एक्ट, जैसा कि हरियाणा में लागू है, के प्रावधानों के तहत संबंधित डिफॉल्टर बिल्डरों की संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। यदि फ्रीज किए गए बैंक खातों या कुर्क की गई संपत्तियों से बकाया राशि की पूरी वसूली नहीं हो पाती है, तो भू-राजस्व कानून के तहत उपलब्ध अन्य कठोर कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। इसमें डिफॉल्टर की गिरफ्तारी और हिरासत की कार्रवाई भी शामिल है। प्रशासन की ओर से सभी संबंधित बिल्डरों को बकाया राशि तत्काल जमा कराने के लिए नोटिस भी जारी किए गए हैं।
इन बड़े बिल्डरों पर करोड़ों रुपये की देनदारी
जिला प्रशासन के अनुसार, प्रमुख डिफॉल्टर बिल्डरों में अंसल हाउसिंग/अंसल कंस्ट्रक्शन हाउसिंग पर 91 करोड़ रुपये, रहेजा पर 90 करोड़ रुपये, वाटिका पर 80 करोड़ रुपये, पार्श्वनाथ पर 74 करोड़ रुपये, रामप्रस्थ पर 57 करोड़ रुपये, आईआरईओ पर 24 करोड़ रुपये और आईएलडी मिलेनियम पर 8.59 करोड़ रुपये की बकाया राशि लंबित है। इन मामलों में जारी रिकवरी सर्टिफिकेट के आधार पर घर खरीदारों को मिलने वाली राशि की वसूली जिला प्रशासन के लिए प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

डीसी उत्तम सिंह ने क्या कहा?
गुरुग्राम के डीसी उत्तम सिंह ने कहा कि हरेरा द्वारा बिल्डर के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करना अपनी जगह है, लेकिन जब तक वसूली की गई राशि वास्तविक लाभार्थी यानी घर खरीदार तक नहीं पहुंचती, तब तक पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य पूरा नहीं होता। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि कानूनन घर खरीदारों को मिलने वाली राशि की प्रभावी ढंग से वसूली हो। डीसी ने बताया कि जिले में हरेरा की बकाया राशि की वसूली की प्रक्रिया पहले अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाई थी। अब लंबित सभी रिकवरी सर्टिफिकेट की व्यापक समीक्षा के बाद वर्तमान कार्रवाई शुरू की गई है।
हर सप्ताह होगी रिकवरी की समीक्षा
जिला प्रशासन अब रिकवरी की प्रगति की साप्ताहिक स्तर पर समीक्षा करेगा। डीसी कार्यालय की ओर से इसकी नियमित निगरानी की जाएगी। संबंधित एसडीएम और तहसीलदारों को रिकवरी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि लंबे समय से लंबित मामलों में बकाया राशि की वसूली में तेजी लाई जाए।

घर खरीदार यहां जान सकते हैं अपनी रिकवरी की स्थिति
जिन घर खरीदारों के पक्ष में हरेरा द्वारा रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं, वे अपनी रिकवरी की स्थिति जानने के लिए जिला राजस्व अधिकारी (DRO) कार्यालय या संबंधित एसडीएम/तहसीलदार कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। गुरुग्राम जिला प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद लंबे समय से हरेरा की रिकवरी राशि के इंतजार में बैठे घर खरीदारों के मामलों में वसूली प्रक्रिया को गति देने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लंबित रिकवरी सर्टिफिकेट की समीक्षा और संबंधित बिल्डरों से बकाया राशि की वसूली की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।









