सपा के प्रमुख अखिलेश यादव भी पुलिस हिरासत में , अखिलेश यादव ने पुलिस पर लगाए आरोप

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नई दिल्ली, 6 अक्टूबर। दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अखिलेश यादव अपने पार्टी सांसदों के साथ INDIA ब्लॉक के मार्च में शामिल थे। प्रदर्शनकारी संसद से चुनाव आयोग के मुख्यालय निर्वाचन सदन की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे जाने से रोक दिया।

प्रदर्शनकारी सांसदों की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर है। विपक्षी दल SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर चुनाव आयोग से जवाब मांग रहे हैं। मंगलवार को संसद से निर्वाचन सदन तक निकाले गए मार्च में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के सांसद शामिल हुए।

अखिलेश यादव के साथ समाजवादी पार्टी के अन्य सांसद भी प्रदर्शन में शामिल थे। पुलिस द्वारा मार्च रोके जाने के बाद कई विपक्षी नेताओं और सांसदों को हिरासत में लिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक हिरासत में लिए गए नेताओं को बसों में बैठाकर वहां से ले जाया गया।

अखिलेश यादव ने पुलिस पर लगाए आरोप

प्रदर्शन के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी मांग रखने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी जनप्रतिनिधियों को चुनाव आयोग तक जाने से रोका जा रहा है। अखिलेश यादव ने पुलिस से कहा कि प्रदर्शनकारी आतंकवादी नहीं हैं और वे कानून का सम्मान करते हुए अपनी बात रखने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव से जुड़े मुद्दों पर देश की जनता और युवा जागरूक हो रहे हैं तथा उनकी पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करती रहेगी। प्रदर्शन के दौरान अखिलेश यादव और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी और बाद में अखिलेश यादव समेत सपा सांसदों को बस में बैठाकर वहां से ले जाया गया।

दिल्ली में भारी सुरक्षा, कई जगह बैरिकेडिंग

विपक्षी सांसदों के मार्च को देखते हुए नई दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर जाने वाले रास्तों पर दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। कई स्तरों पर बैरिकेड लगाए गए थे और प्रदर्शनकारियों को निर्वाचन सदन तक पहुंचने से रोका गया। इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। विपक्षी सांसदों के मार्च को रोके जाने के बाद कई नेता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। विपक्षी दलों का कहना है कि SIR और मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए। वहीं, चुनाव आयोग ने Form-6 में बदलाव को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मूल Form-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है और SIR से जुड़ी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार की जा रही है। फिलहाल दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन जारी है। अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं की हिरासत के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। राजधानी में सुरक्षा बलों की तैनाती और बैरिकेडिंग के बीच SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे का मुद्दा केंद्र में बना हुआ है।

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Author: New India News Network

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