बिहार, 03 मार्च 2026
बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर — मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री अब लगभग तय मानी जा रही है।
कई वर्षों से चल रही अटकलों पर अब विराम लगाते हुए जनता दल यूनाइटेड यानी जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने साफ कर दिया है कि निशांत कुमार बहुत जल्द सक्रिय राजनीति में कदम रखने जा रहे हैं।श्रवण कुमार ने कहा कि होली के मौके पर वे यह जानकारी देना चाहते हैं कि निशांत कुमार की एंट्री अब कंफर्म है और पार्टी जल्द इसका औपचारिक ऐलान करेगी। उन्होंने इसे राज्य के युवाओं की लंबे समय से चली आ रही मांग बताया।
वहीं, जेडीयू नेता अशोक चौधरी ने भी इस फैसले को पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत बताया।
उनका कहना है कि निशांत कुमार एक पढ़े-लिखे युवा हैं, उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और पार्टी कार्यकर्ता लंबे समय से चाहते थे कि वे सक्रिय राजनीति में आएं।
इस बीच जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने निशांत कुमार की तुलना को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार सादगी और संस्कार के प्रतीक हैं और सार्वजनिक जीवन के लिए पूरी तरह फिट हैं। नीरज कुमार ने यह भी साफ कहा कि निशांत कुमार और तेजस्वी यादव की कोई तुलना नहीं की जा सकती।
इधर, यह सवाल भी लगातार उठ रहा है कि क्या निशांत कुमार सीधे राज्यसभा के रास्ते राजनीति में एंट्री करेंगे?
इस पर जेडीयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि राज्यसभा की सीटों को लेकर फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा और अंतिम निर्णय नीतीश कुमार के हाथ में होगा।
पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और वरिष्ठ नेता ललन सिंह भी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि कार्यकर्ताओं की भावना है कि निशांत कुमार को सक्रिय राजनीति में आना चाहिए।
पटना समेत कई जिलों में पोस्टर, बैनर और सोशल मीडिया अभियानों के जरिए निशांत कुमार को पार्टी का भविष्य बताकर आगे लाने की मांग तेज होती जा रही है।
हालांकि, विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार और जेडीयू को घेरना शुरू कर दिया है।
राष्ट्रीय जनता दल का आरोप है कि निशांत कुमार के जरिए नीतीश कुमार की राजनीतिक कुर्सी कमजोर करने की साजिश हो रही है।
वहीं, दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने साफ किया है कि निशांत कुमार का राजनीति में आना उनका और उनकी पार्टी का निजी फैसला होगा और बीजेपी पीढ़ीगत बदलाव के पक्ष में रही है।
बीजेपी की सहयोगी पार्टी ‘हम’ के नेता और मंत्री जीतन राम मांझी भी निशांत कुमार के राजनीति में आने के समर्थन में बयान दे चुके हैं।
हाल के महीनों में निशांत कुमार कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी नजर आए हैं।
एक मार्च को नीतीश कुमार के जन्मदिन पर वे उनके साथ दिखाई दिए थे, जिसके बाद सियासी हलचल और तेज हो गई।
सूत्रों के मुताबिक, इस बात की भी पूरी संभावना है कि निशांत कुमार को राज्यसभा के जरिए संसद भेजा जाए। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति में एक नई पीढ़ी की एंट्री का रास्ता अब साफ होता नजर आ रहा है।
निशांत कुमार की एंट्री न सिर्फ जेडीयू के भविष्य की दिशा तय करेगी, बल्कि आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्य की सियासत में बड़े समीकरण भी बदल सकती है।







