हरियाणा, 5 मार्च 2026
स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि सत्ता, धन बल पर भाजपा हरियाणा बजट 2026 का मीडिया में झूठा महिमामंडन करके प्रदेश की जनता को ठगकर विकास, सामाजिक सुरक्षा, नागरिक आधारभूत ढांचा को मजबूत करने का झूठा राग अलाप रही है। विद्रोही ने कहा कि दुर्भाग्य यह है कि मीडिया भाजपा की झूठ का पर्दाफाश करने की बजाय भाजपा की झूठ को न केवल बढा रहा है अपितु जो राजनीतिक, सामाजिक कार्यकर्ता बजट आंकडों के साथ हरियाणा बजट 2026 के बारे में भाजपा की फैलाई जा रही झूठ की पोल खोलने का प्रयास करता है, उसे भी मीडिया दबा व छिपा रहा है। मीडिया का यह व्यवहार न केवल पत्रकारिता धर्म के खिलाफ है बल्कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ होने पर लोकतंत्र के साथ भी धोखाधडी है।
भाजपो बजट के संदर्भ में जो झूठ बोले जा रहे है, उसको स्वयं बजट 2026 में प्रस्तुत आंकडे की झूठला रहे है। सवाल उठता है कि कर्ज बोझ से दबे हरियाणा की भाजपा सरकार के पास क्या विकास के लिए पैसा भी है जो बजट में दिखाये मुंगेरीलाल के हसीन सपनों को पूरा कर सकेगी? विद्रोही ने कहा कि 223658 करोड़ रूपये के प्रस्तुत हरियाणा बजट 2026 में सभी प्रशासनिक खर्चे, कर्ज मूलधन, ब्याज व देनदारिया चुकाने के बाद भी यदि नया कर्ज नही लिया तो विकास कार्य करना तो दूर, सरकार के पास प्रशासन को चलाने व रोजमर्रा कार्य व कर्मचारियों को वेतल देने लिए भी पैसे नही है। झूठ बोलकर जनता को ठगना आसान है लेकिन सच का सामना करना बहुत मुश्किल है। हरियाणा का कुल बजट 22358 करोड़ रूपये का है जबकि इस समय हरियाणा पर सभी कर्ज व देनदारियों को मिलाकर कुल कर्ज 556623 करोड़ रूपये का है। 556623 करोड़ रूपये के कर्ज में 391425 करोड रूपये का आतंरिक कर्ज है। 50 हजार करोड रूपये छोटी बचत योजनाओं की देनदारी है। 68995 करोड़ रूपये विभिन्न सरकारी उपक्रमों पर कर्ज है और 46193 करोड़ रूपये की अन्य देनदारिया है।
विद्रोही ने बताया कि वित वर्ष 2026-27 में बजट अनुसार हरियाणा भाजपा सरकार की 76250 करोड़ रूपये नया कर्ज लेने की और योजना है। इतने से 66667 करोड़ रूपये पूर्व के लिए कर्ज के मूलधन व ब्याज चुकाने में चले जायेंगे। हरियाणा सरकार वित वर्ष 2026-27 में कर्ज के मूलधन के 36101 करोड़ रूपये व ब्याज के 29566 करोड़ रूपये चुकाने है। मूलधन व ब्याज चुकाने के बाद नये कर्ज में से सरकारी के पास 10593 करोड रूपये बचेंगे। सभी प्रशासनिक खर्चो, वेतन, कर्ज, मूलधन, ब्याज, प्रशासनिक खर्च देनदारियां चुकाने के बाद 76250 करोड़ रूपये का नया कर्जै लेने के बाद भी सरकार के पास बजट आंकडो अनुसार विकास के लिए केवल 21756 करोड़ रूपये बचते है। इसमें भी यदि बजट संशोधित, अनुमान व आसमिक खर्चो को मिला दिया जाये वास्तव में विता वर्ष 2026-27 में वास्तविक विकास के लिए 15 हजार करोड रूपये के आसपास ही हरियाणा सरकार के पास धन बचेगा। विद्रोही ने कहा कि ऐसी स्थिति में हरियाणवी ही खुद ही अनुमान लगा ले कि 15 हजार करोड़ रूपये में प्रदेश का बजट अनुसार कितना और कैसा विकास होगा?







