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ईरान को ट्रम्प की बड़ी चेतावनी ! युद्ध के बीच अमेरिका-इज़राइल की बड़ी कार्रवाई

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06 मार्च 2026

पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और यह संघर्ष अब सातवें दिन में पहुंच चुका है। अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच हालात कम होने के बजाय और ज्यादा गंभीर होते दिखाई दे रहे हैं। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर सख्त चेतावनी दी है।

व्हाइट हाउस में बोलते हुए ट्रंप ने ईरान के क्रांतिकारी गार्ड, सेना और पुलिस से साफ कहा कि वे तुरंत अपने हथियार डाल दें। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के लोगों के लिए अब समय आ गया है कि वे अपने देश के भविष्य के लिए आगे आएं और हालात बदलने में भूमिका निभाएं।

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और इज़राइल की संयुक्त कार्रवाई से ईरान की सैन्य ताकत को बड़ा नुकसान पहुंचा है। उनके अनुसार पिछले कुछ दिनों में ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि तीन दिनों के अंदर ईरान की नौसेना के कई जहाज नष्ट कर दिए गए हैं और उसकी वायु रक्षा प्रणाली भी काफी कमजोर हो चुकी है।

इसके साथ ही ट्रंप ने कहा कि इस युद्ध के बाद ईरान की सैन्य शक्ति काफी हद तक खत्म हो चुकी है। उनके मुताबिक ईरान के कई लड़ाकू विमान, मिसाइल प्रणाली और संचार उपकरण नष्ट हो चुके हैं। ट्रंप का दावा है कि ईरान की करीब 60 प्रतिशत से ज्यादा सैन्य क्षमता प्रभावित हुई है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच ट्रंप ने ईरान की राजनीति और नेतृत्व को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान में अगला सर्वोच्च नेता कौन होगा, यह फैसला ऐसा होना चाहिए जिससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता आए। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि मौजूदा नेता अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को अगला सर्वोच्च नेता बनाए जाने का वे समर्थन नहीं करते

ट्रंप का कहना है कि ईरान को ऐसा नेतृत्व चाहिए जो दुनिया के साथ सहयोग करे और क्षेत्र में तनाव कम करे। उनके मुताबिक अगर पुराने कट्टर विचारों वाले नेता ही सत्ता में आते रहे तो हालात और खराब हो सकते हैं।

इस बीच इस युद्ध का असर सिर्फ जमीन पर ही नहीं बल्कि समुद्र में भी देखने को मिल रहा है। खबरों के अनुसार हिंद महासागर के पास एक सैन्य कार्रवाई में ईरान के एक बड़े युद्धपोत को निशाना बनाया गया है। इसके अलावा इज़राइल ने लेबनान में सक्रिय संगठन हिज़्बुल्लाह से जुड़े ठिकानों पर भी हमले तेज कर दिए हैं।

बताया जा रहा है कि ईरान के कई सैन्य अधिकारी, जो लेबनान में हिज़्बुल्लाह के साथ काम कर रहे थे, अब वहां से निकलने लगे हैं क्योंकि उन्हें इज़राइल के संभावित हमलों का डर है।

जवाब में ईरान ने भी इज़राइल पर लंबी दूरी की मिसाइल खोर्रमशहर-4 दागी है, जिसकी मारक क्षमता करीब 2000 किलोमीटर बताई जाती है। यह मिसाइल भारी मात्रा में विस्फोटक ले जाने में सक्षम है।

इस भीषण संघर्ष में अब तक बड़ी संख्या में लोगों की जान जा चुकी है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। साथ ही इस युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ने लगा है, खासकर तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष जल्द नहीं रुका तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर भी गहरा प्रभाव पड़ सकता है।

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Author: New India News Network

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