मेरठ, उत्तर प्रदेश। 14 मार्च
- मेरठ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों पर आरोप: जॉन B4, रोहटा बाईपास रोड क्षेत्र में 50 बीघा से अधिक भूमि पर अवैध कच्ची कॉलोनी का निर्माण।
- भूमाफिया अखिलेश गोयल पर भी आरोप: पहले कंकरखेड़ा क्षेत्र में 10 से अधिक अवैध कॉलोनियों के निर्माण को बढ़ावा।
- शिकायतें उच्च अधिकारियों और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनसुनवाई पोर्टल तक भेजी जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
- उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा बनाई गई नीतियों का उल्लंघन कर रहे मेरठ विकास प्राधिकरण के अधिकारी उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यस्व को हो रहा लगभग 50 करोड़ से भी ज्यादा का नुकसान मेरठ की मानचित्र व्यवस्था के साथ भी किया जा रहा है खिलवाड़
उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दावा किया जा रहा है कि अधिकारियों द्वारा जॉन B4 क्षेत्र, रोहटा बाईपास रोड के पास 50 बीघा से अधिक भूमि में अवैध कच्ची कॉलोनी का निर्माण बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश सरकार को लगभग 50 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
स्थानीय सूत्रों और शिकायतों के अनुसार, यह कॉलोनी भूमाफिया अखिलेश गोयल के नेतृत्व में बनाई जा रही है। इससे पहले भी अखिलेश गोयल द्वारा कंकरखेड़ा क्षेत्र में 10 से अधिक अवैध कॉलोनियों के निर्माण को बढ़ावा दिया गया, लेकिन मेरठ विकास प्राधिकरण ने अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला सिर्फ भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि मेरठ की मानचित्र व्यवस्था और स्मार्ट सिटी योजना पर भी गंभीर असर डाल रहा है। शिकायतें उच्च अधिकारियों और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनसुनवाई पोर्टल IGRS तक भेजी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
हालांकि अधिकारियों ने कुछ दिखावटी कदम उठाए हैं, जैसे कि कॉलोनी की सड़कों पर गड्ढे करना, लेकिन यह असली समस्या को हल नहीं करता। इस अवैध निर्माण के कारण जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए विभागों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
नागरिकों का सवाल है: आखिर कब तक मेरठ विकास प्राधिकरण में यह भ्रष्टाचार चलता रहेगा और कब तक शहर की योजनाओं और मानचित्र व्यवस्था के साथ खिलवाड़ होता रहेगा?







