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पीएफटीआई के नेतृत्व में औद्योगिक संगठनों का प्रतिनिधिमंडल जिला उपायुक्त से मिला, पीएनजी व श्रमिकों के लिए एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति की मांग।

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गुरुग्राम ,28 मार्च।

प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (पीएफटीआई) की अगुवाई में गुरुग्राम के विभिन्न औद्योगिक संगठनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज जिला उपायुक्त अजय कुमार से मुलाकात कर उद्योगों के लिए पीएनजी गैस तथा श्रमिकों के लिए एलपीजी गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पीएफटीआई के चेयरमैन दीपक मैनी ने किया। इस दौरान मैनी ने जिला उपायुक्त के समक्ष पीएनजी और एलपीजी गैस आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं को विस्तारपूर्वक रखते हुए बताया कि वर्तमान समय में यह मुद्दा अत्यंत गंभीर रूप धारण कर चुका है।
उन्होंने विशेष रूप से श्रमिकों के लिए एलपीजी गैस की भारी कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गैस की अनुपलब्धता के कारण श्रमिकों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी विकट हो गई है कि कई श्रमिक अपने गृह राज्यों की ओर पलायन करने को विवश हो रहे हैं, जिससे उद्योगों में श्रमिकों की कमी उत्पन्न होने का खतरा बढ़ गया है।

मैनी ने बताया कि बाजार में एलपीजी गैस की भारी कमी के चलते श्रमिकों को ब्लैक मार्केट से ₹450 से ₹500 प्रति किलोग्राम की अत्यधिक दर पर गैस खरीदनी पड़ रही है, जो उनके लिए आर्थिक रूप से असहनीय है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो औद्योगिक उत्पादन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा किस भी पंजीकृत श्रमिकों, विशेषकर इएसआई एवं पीएफ से जुड़े श्रमिकों के लिए कुकिंग गैस की नियमित एवं सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। श्रमिकों के लिए एलपीजी गैस वितरण हेतु एक पारदर्शी एवं प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए, जिससे उन्हें ब्लैक मार्केट पर निर्भर न रहना पड़े।
इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधिमंडल ने अवगत कराया कि कई बड़ी औद्योगिक इकाइयों को पीएनजी गैस की सप्लाई बाधित होने के कारण उनका उत्पादन कार्य पूर्णतः प्रभावित हो गया है। इसका सीधा असर एमएसएमई सेक्टर पर भी पड़ रहा है, जो इन बड़ी इकाइयों पर निर्भर हैं।

इस संदर्भ में मांग की गई कि संबंधित गैस आपूर्ति कंपनियों को निर्देशित किया जाए कि वे उद्योगों को कम-से-कम 60–70% पीएनजी गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करें, ताकि उत्पादन कार्य सुचारू रूप से जारी रह सके।
प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि इस स्थिति का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो इसका व्यापक नकारात्मक प्रभाव न केवल औद्योगिक गतिविधियों पर पड़ेगा, बल्कि राज्य एवं देश की अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देगा। इससे जीएसटी एवं अन्य करों से होने वाली आय में गिरावट, बेरोज़गारी में वृद्धि तथा सामाजिक-आर्थिक समस्याएं बढ़ सकती हैं।

इस विषय पर जिला उपायुक्त अजय कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इस गंभीर विषय पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों एवं गैस आपूर्ति कंपनियों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने औद्योगिक संगठनों से कहा कि किसी भी चीज की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि उद्योगों के निर्बाध उत्पादन के लिए सरकार सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने में सक्षम है, उन्होंने औद्योगिक संगठनों से आह्वाहन किया कि वे सुविधाओं के अभाव में श्रमिकों को पैनिक ना होने दे और उनके पलायन को भी रोके, इसके लिए उन्हें नियमित रूप से पीएनजी और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति की जाएगी।

इस अवसर पर बैठक में पीएफटीआई के वाइस चेयरमैन डॉ. एस.पी. अग्रवाल, महानिदेशक एडवोकेट आर.एल. शर्मा, श्रम विभाग हरियाणा (एनसीआर) के अतिरिक्त श्रमायुक्त कुशल कटारिया, उप-श्रमायुक्त नवीन शर्मा, उद्योग विहार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिमेष सक्सेना, दौलताबाद रोड एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन जिंदल, एमएसएमई बोर्ड एसोसिएशन के उपाध्यक्ष विनोद गुप्ता तथा सीआईआई गुरुग्राम चैप्टर के अध्यक्ष व कपारो मारुति के सीईओ विनोद बापना सहित अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

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Author: New India News Network

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