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मिडिल ईस्ट तनाव के बीच UAE का पाकिस्तान को झटका, 3.5 अरब डॉलर कर्ज वापसी की मांग

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4 अप्रैल 2026 
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान से अपने 3.5 अरब डॉलर के कर्ज की तत्काल वापसी की मांग कर दी है। यह राशि पाकिस्तान के भुगतान संतुलन को सहारा देने के लिए स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान में सुरक्षित जमा के रूप में रखी गई थी।

6% ब्याज पर चल रहा था कर्ज

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान इस राशि पर करीब 6 प्रतिशत ब्याज चुका रहा था। पहले UAE हर साल इस जमा राशि को रोल ओवर कर देता था, जिससे पाकिस्तान को राहत मिलती थी। हालांकि दिसंबर 2025 में इस अवधि को सीमित समय के लिए बढ़ाया गया और अब इसे आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया गया है।

विदेशी कर्ज का बढ़ता दबाव

चालू वित्त वर्ष में पाकिस्तान को करीब 12 अरब डॉलर के विदेशी जमा रोल-ओवर की जरूरत है। इसमें सऊदी अरब से 5 अरब डॉलर, चीन से 4 अरब डॉलर और UAE से 3.5 अरब डॉलर शामिल हैं। फिलहाल पाकिस्तान के पास 21 अरब डॉलर से अधिक का विदेशी मुद्रा भंडार है, जिससे वह यह भुगतान करने में सक्षम तो है, लेकिन इससे उसके रिजर्व पर बड़ा दबाव पड़ सकता है।

मिडिल ईस्ट जंग का असर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब क्षेत्र में ईरान के साथ तनाव बढ़ा हुआ है और तेल-गैस सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है। खाड़ी देशों की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर असर पड़ने के कारण UAE ने अपने निवेश को सुरक्षित करने के लिए यह कदम उठाया है।

बढ़ सकती हैं पाकिस्तान की मुश्किलें

विशेषज्ञों का मानना है कि UAE के इस कदम के बाद अन्य देश, जैसे सऊदी अरब और चीन भी अपने फंड वापस मांग सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो पाकिस्तान की वित्तीय स्थिति और गंभीर हो सकती है।

पहले से कमजोर अर्थव्यवस्था

पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। सीमित विदेशी मुद्रा भंडार के कारण आयात और बुनियादी जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में 3.5 अरब डॉलर का भुगतान एक बड़ी चुनौती बन सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की साख पर भी असर पड़ने की आशंका है।

सऊदी डील से बढ़ा तनाव

रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा सऊदी अरब के साथ किए गए एक रणनीतिक रक्षा समझौते से UAE नाराज है। क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा के चलते इस कदम को अलग नजरिए से देखा जा रहा है, जिससे पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव भी बढ़ गया है।

आगे क्या?

पाकिस्तान सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपने विदेशी कर्जों का संतुलन बनाए रखना है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पाकिस्तान को जल्द नई वित्तीय मदद नहीं मिलती, तो उसकी अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार पर गंभीर असर पड़ सकता है।

फिलहाल, पाकिस्तान इस महीने के अंत तक UAE को कर्ज लौटाने की तैयारी में है। लेकिन आने वाले समय में आर्थिक चुनौतियां और बढ़ सकती हैं, और दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि शहबाज शरीफ की सरकार इस संकट से कैसे निपटती है।

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Author: New India News Network

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