200 साल की विरासत: हिंदी पत्रकारिता के गौरव पर बोले चंद्रवीर गायत्री, पत्रकारों को दी बधाई
देहरादून। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक मौके पर भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष चंद्रवीर गायत्री ने पूरे देश के पत्रकारों और मीडिया जगत से जुड़े लोगों को बधाई दी है। इस अवसर को उन्होंने हिंदी पत्रकारिता के स्वर्णिम सफर का प्रतीक बताया।

पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखना आज सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
अपने संबोधन में चंद्रवीर गायत्री ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता का इतिहास न केवल समृद्ध रहा है, बल्कि यह देश के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक विकास का सशक्त आधार भी रहा है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता ने हर दौर में समाज को जागरूक करने और जनभावनाओं को सही दिशा देने का काम किया है।
चौथे स्तंभ के रूप में अपनी भूमिका को और मजबूती के साथ निभाती रहेगी।
उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौर को याद करते हुए कहा कि उस समय हिंदी पत्रकारिता ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आवाज उठाने और देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उस दौर के पत्रकारों ने कठिन परिस्थितियों में भी सत्य और न्याय के लिए संघर्ष किया।
हिंदी पत्रकारिता को आने वाले समय में और अधिक मजबूत बनाएंगे।

चंद्रवीर गायत्री ने कहा कि आज के डिजिटल युग में पत्रकारिता के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। फेक न्यूज, सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव और सूचना की तेजी के बीच पत्रकारों को और अधिक सतर्क और जिम्मेदार बनने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखना आज सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने विश्वास जताया कि हिंदी पत्रकारिता का भविष्य उज्ज्वल है
उन्होंने युवा पत्रकारों से अपील करते हुए कहा कि वे पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों—सत्य, निष्पक्षता और निर्भीकता—को हमेशा प्राथमिकता दें। यही सिद्धांत हिंदी पत्रकारिता को आने वाले समय में और अधिक मजबूत बनाएंगे।
अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि हिंदी पत्रकारिता का भविष्य उज्ज्वल है और यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में अपनी भूमिका को और मजबूती के साथ निभाती रहेगी।
हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण: चंद्रवीर गायत्री व हरीश रावत ने दी बधाई, बोले—चुनौतियों के बीच भी पत्रकारिता की विश्वसनीयता जरूरी
हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने पत्रकारों को बधाई देते हुए उनके योगदान की सराहना की।
अपने संदेश में कहा कि हिंदी पत्रकारिता का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। यह केवल खबरों का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने, जनहित के मुद्दों को उठाने और राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाला सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि बीते दो सदियों में पत्रकारिता ने कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन हर दौर में पत्रकारों ने निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने सभी पत्रकारों से अपील की कि वे पत्रकारिता के मूल मूल्यों को बनाए रखें और इस विरासत को आगे बढ़ाएं।
वहीं, इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पत्रकारों को सम्मानित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता करना जोखिम भरा कार्य बन गया है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पत्रकारों को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और कई बार उन्हें कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है।
हरीश रावत ने अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि जब उनकी सरकार उत्तराखंड में थी, तब पत्रकारों के कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्तमान सरकार भी पत्रकारों के हित में जागरूक होगी और उनके कल्याण के लिए सकारात्मक कदम उठा रही होगी।
उत्तराखंड के बदलते स्वरूप पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब राज्य में पंखे, कूलर और एसी जैसी सुविधाएं बहुत कम देखने को मिलती थीं, लेकिन अब समय बदल गया है और इनकी आवश्यकता हर जगह महसूस होने लगी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आज देश का एक प्रमुख टूरिस्ट हब बन चुका है और इसे और अधिक सुंदर और विकसित बनाने की आवश्यकता है।
इस दौरान हरीश रावत ने श्रमजीवी पत्रकार संघ के दो वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित सभी पत्रकारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है और पत्रकारों को अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए निष्पक्षता और सत्य के मार्ग पर चलना होगा।
अंत में दोनों नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि हिंदी पत्रकारिता आने वाले समय में और अधिक सशक्त होकर उभरेगी तथा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।







