दिल्ली,1 जुलाई
दिल्ली सरकार ने राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने और प्रदूषण कम करने के लिए नई EV पॉलिसी 2026 लागू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह नीति 1 जुलाई 2026 से लागू होगी। सरकार का मानना है कि इस नीति से दिल्ली में ग्रीन और क्लीन ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत किया जा सकेगा।
नई नीति का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में पेट्रोल और डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से बढ़ावा देना है, ताकि वायु प्रदूषण को कम किया जा सके। राजधानी में लगातार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है।
सरकार इस नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को सब्सिडी और वित्तीय लाभ देने की तैयारी में है। इसके अलावा पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों को स्क्रैप करने पर भी अतिरिक्त फायदा दिए जाने की संभावना है, जिससे लोग EV अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
इसके साथ ही दिल्ली में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी तेजी से बढ़ाया जाएगा। रिहायशी इलाकों, बाजारों, मॉल और सार्वजनिक जगहों पर नए EV चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे, ताकि लोगों को गाड़ी चार्ज करने में किसी तरह की परेशानी न हो।
सरकारी योजना के अनुसार, सार्वजनिक परिवहन में भी इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। हाल के वर्षों में इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया गया है और आगे इसे और बढ़ाने की योजना है, जिससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट ज्यादा पर्यावरण-अनुकूल बन सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह नीति दिल्ली के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, क्योंकि वाहनों से होने वाला प्रदूषण राजधानी की हवा को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। EV पॉलिसी से न सिर्फ प्रदूषण कम होगा बल्कि पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता भी घटेगी।
हालांकि, अभी सब्सिडी की राशि, नियम और हाइब्रिड वाहनों को शामिल करने जैसे कुछ बिंदुओं पर अंतिम निर्णय होना बाकी है। सरकार सभी सुझावों पर विचार कर रही है।
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में दिल्ली को एक EV हब बनाया जाए और 2030 तक बड़े स्तर पर परिवहन प्रणाली को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदला जाए।







