Edition

सरकार से वार्ता के बावजूद आंदोलन खत्म करने से इनकार

दिल्ली के जंतर-मंतर पर फिर जुटने लगी भीड़, प्रदर्शन जारी; सरकार से वार्ता के बावजूद आंदोलन खत्म करने से इनकार नई दिल्ली, 21 जुलाई। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बार फिर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटने लगे हैं। सोमवार को हुए प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद मंगलवार सुबह से ही धरनास्थल पर लोगों का आना शुरू हो गया। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के जवान प्रमुख चौराहों, बैरिकेडिंग वाले इलाकों और संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं। प्रदर्शन के कारण दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को दिनभर ट्रैफिक जाम और रूट डायवर्जन का सामना करना पड़ा।

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

दिल्ली के जंतर-मंतर पर फिर जुटने लगी भीड़, प्रदर्शन जारी; सरकार से वार्ता के बावजूद आंदोलन खत्म करने से इनकार

नई दिल्ली, 21 जुलाई। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बार फिर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटने लगे हैं। सोमवार को हुए प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद मंगलवार सुबह से ही धरनास्थल पर लोगों का आना शुरू हो गया। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के जवान प्रमुख चौराहों, बैरिकेडिंग वाले इलाकों और संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं। प्रदर्शन के कारण दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को दिनभर ट्रैफिक जाम और रूट डायवर्जन का सामना करना पड़ा।

सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई बातचीत

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से दो बार मुलाकात की। उनके अनुसार बैठक में तीन प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखी गईं।

पहली मांग पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई की है। दूसरी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाए जाने की है। तीसरी मांग उन छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की है, जिनकी मौत कथित तौर पर NEET परीक्षा विवाद के बाद हुई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक इन मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। इन मांगों का विवरण प्रदर्शनकारी पक्ष ने सार्वजनिक रूप से रखा है।

जे.पी. नड्डा ने की धरना समाप्त करने की अपील

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि मंगलवार सुबह प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव आया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने उन्हें लिखित ज्ञापन भी सौंपा है। नड्डा ने सभी प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

अन्ना हजारे का बयान

समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा कि उन्हें लगता है कि केंद्र सरकार स्थिति को सही ढंग से नहीं समझ रही है और इस भ्रम को दूर करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह स्वयं दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन में शामिल हो सकते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।

पुलिस की कार्रवाई जारी

दिल्ली पुलिस ने सोमवार को हुए प्रदर्शन के संबंध में कई लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और पहचान होने के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनके साथ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया, जबकि पुलिस का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई। दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।

अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान की बैठक

प्रदर्शन के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच भी बैठक हुई। सरकारी स्तर पर आंदोलन की स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा किए जाने की जानकारी सामने आई है।

जंतर-मंतर पर फिर बढ़ने लगी भीड़

मंगलवार सुबह से ही प्रदर्शनकारी दोबारा जंतर-मंतर पहुंचने लगे हैं। छात्रों ने मांग की है कि सरकार के प्रतिनिधि सीधे धरनास्थल पर आकर उनसे बातचीत करें। उनका कहना है कि केवल बैठकों से समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि सरकार को सार्वजनिक रूप से उनकी मांगों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। सुरक्षा एजेंसियां पूरे इलाके पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल तैनात रखा गया है।

New India News Network
Author: New India News Network

new india news network

Leave a Comment

और पढ़ें