गुरुग्राम में तेज बारिश के बीच सड़क पर उतरे SDM संजीव सिंगला, जलभराव हटवाकर संभाली ट्रैफिक व्यवस्था
गुरुग्राम, 28 जुलाई। गुरुग्राम में मंगलवार को हुई तेज बारिश के दौरान प्रशासन पूरी तरह अलर्ट दिखाई दिया। बादशाहपुर के एसडीएम संजीव सिंगला स्वयं सड़कों पर उतरकर जलभराव की स्थिति का जायजा लेते रहे। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर खड़े होकर बरसात के पानी की निकासी करवाई और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों को मौके पर आवश्यक निर्देश दिए। 
बारिश के दौरान कई स्थानों पर पानी जमा होने की सूचना मिलने पर एसडीएम संजीव सिंगला तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने जल निकासी कार्य की निगरानी की और यह सुनिश्चित किया कि सड़क पर जमा पानी जल्द से जल्द निकाला जाए ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े। इस दौरान वह स्वयं ट्रैफिक को भी नियंत्रित करते नजर आए और वाहन चालकों को सुरक्षित तरीके से निकलने में सहायता करते रहे।
एसडीएम संजीव सिंगला ने शहर, बादशाहपुर क्षेत्र और आसपास की कॉलोनियों का दौरा कर जलभराव वाले स्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि जहां भी पानी जमा हो, वहां तत्काल निकासी की व्यवस्था की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उनके सड़क पर उतरकर काम करने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुए।
वहीं, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) की ओर से मानसून से पहले की गई तैयारियों का भी असर देखने को मिला। अधिकांश स्थानों पर बारिश का पानी अधिक समय तक सड़कों पर नहीं रुका और निकासी व्यवस्था के चलते कुछ ही समय में जलभराव कम हो गया। 
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पी. सी. मीणा ने बताया कि मानसून से पहले नालों की सफाई, ड्रेनेज नेटवर्क की तैयारी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई थीं। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि बारिश के दौरान कहीं भी लंबे समय तक जलभराव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम संजीव सिंगला ने कहा कि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसी उद्देश्य से उन्होंने स्वयं विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने बताया कि जहां भी जलभराव मिला, वहां तत्काल पानी निकलवाने की व्यवस्था कराई गई। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को मौके पर तैनात रहने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि जब अधिकारी स्वयं मौके पर मौजूद रहते हैं तो कार्य में तेजी और बेहतर समन्वय देखने को मिलता है।







