नई दिल्ली, 27 मार्च।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। मोदी सरकार ने हालात पर नजर रखने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन किया है, जो हर स्थिति पर करीबी निगरानी रखेगा।
सूत्रों के मुताबिक, इस समूह में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हैं।
इस समूह का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का भारत की ऊर्जा सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का आकलन करना है।
गौरतलब है कि ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे पूरी दुनिया की नजर इस क्षेत्र पर टिकी हुई है।
ईंधन पर राहत और बड़े फैसले
इसी बीच सरकार ने आम जनता को राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती की है। अब पेट्रोल पर कर 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर शून्य कर दिया गया है।
साथ ही, विमानन टर्बाइन ईंधन (एटीएफ) पर नई उत्पाद शुल्क दर लागू की गई है, ताकि विमानन क्षेत्र पर असर कम से कम पड़े।
इसके अलावा, वाणिज्यिक क्षेत्र को राहत देने के लिए गैर-घरेलू एलपीजी का कोटा बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक करेंगे। इस बैठक में पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।
हालांकि, चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को इस बैठक में शामिल नहीं किया जाएगा।
सर्वदलीय बैठक और विपक्ष के सवाल
संसद में आयोजित सर्वदलीय बैठक में सरकार ने विपक्ष को भरोसा दिलाया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
हालांकि, विपक्षी दलों ने ऊर्जा आपूर्ति और युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कई अहम सवाल उठाए।
खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस आपूर्ति को लेकर चिंता जताई गई।
सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में तेल की आपूर्ति सामान्य है और पर्याप्त भंडार मौजूद है। साथ ही, विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के प्रयास लगातार जारी हैं।
सरकार की अपील
सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराएं नहीं।
फिलहाल, भारत पश्चिम एशिया के हालात पर पैनी नजर बनाए हुए है और हर संभावित चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।







