Edition

इज़राइल का बड़ा दावा: लेबनान हमले में ढेर हुआ हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम! सीजफायर के बीच बढ़ा तनाव !

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

9 अप्रैल 2026

मध्य पूर्व में हालात हर घंटे और अधिक खतरनाक होते जा रहे हैं। इज़राइल ने लेबनान पर अब तक का सबसे बड़ा और भीषण हमला करते हुए दावा किया है कि उसने हिजबुल्लाह के नए प्रमुख नईम कासिम को मार गिराया है।

इज़रायली रक्षा बल (आईडीएफ) के अनुसार यह हमला राजधानी बेरूत में किया गया, जहां हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस अभियान में न केवल नईम कासिम, बल्कि उनके करीबी सहयोगी और निजी सचिव अली यूसुफ हर्षी भी मारे गए।

आईडीएफ का दावा है कि यह कार्रवाई हिजबुल्लाह के आतंकी ढांचे को कमजोर करने के उद्देश्य से की गई। हमले के दौरान दक्षिणी लेबनान में कई महत्वपूर्ण ठिकानों—जैसे हथियार भंडारण केंद्र, प्रक्षेपण स्थल और कमांड मुख्यालय—को भी नष्ट कर दिया गया।

इज़रायली सेना के अनुसार, दो महत्वपूर्ण पारगमन बिंदुओं को भी निशाना बनाया गया, जिनका उपयोग उत्तरी लितानी से दक्षिणी लितानी क्षेत्र तक हथियार और रॉकेट पहुंचाने के लिए किया जाता था।

हालांकि, अब तक हिजबुल्लाह या लेबनान सरकार की ओर से नईम कासिम की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में यह दावा फिलहाल जांच के दायरे में बना हुआ है।

कौन थे नईम कासिम?

नईम कासिम हिजबुल्लाह के लंबे समय तक उप-प्रमुख रहे और संगठन के प्रमुख वैचारिक नेताओं में गिने जाते थे। हसन नसरल्लाह की मृत्यु के बाद उन्हें संगठन का नया प्रमुख बनाया गया था। वे हिजबुल्लाह के शुरुआती संस्थापक सदस्यों में भी शामिल रहे हैं।

सीजफायर के बीच बढ़ता विवाद

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिनों का युद्धविराम लागू है। हालांकि, इस युद्धविराम में लेबनान शामिल नहीं है।

इज़राइल का कहना है कि वह लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा। इसी कारण क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है।

बढ़ती तबाही और जवाबी हमले

रिपोर्टों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में ही लेबनान में 250 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

इन हमलों के जवाब में हिजबुल्लाह ने भी इज़राइल की ओर रॉकेट दागे हैं, जिससे सीमा पर तनाव और अधिक बढ़ गया है।

वैश्विक असर और भविष्य की आशंका

वहीं, ईरान ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि लेबनान पर हमले नहीं रुके, तो वह अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम समझौते से बाहर हो सकता है।

मध्य पूर्व में बढ़ते इस तनाव का असर वैश्विक स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही कूटनीतिक समाधान नहीं निकाला गया, तो यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है, जिसमें कई देश सीधे तौर पर शामिल हो सकते हैं।

फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें इसी पर टिकी हैं—क्या यह संघर्ष यहीं थमेगा या मध्य पूर्व एक और बड़े युद्ध की ओर बढ़ रहा है?

New India News Network
Author: New India News Network

new india news network

Leave a Comment

और पढ़ें