बल्लभगढ़, फरीदाबाद। 9 अप्रैल
“एक विश्व, एक मंत्र, शांति के लिए” के संदेश के साथ विश्व नवकार मंत्र दिवस के अवसर पर फरीदाबाद जिले में गुरुवार को भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। इस दौरान शहर के 25 स्थानों पर एक साथ कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लेकर नवकार मंत्र का सामूहिक जाप किया और विश्व शांति का संदेश दिया।
साध्वी चंदनबाला व डॉ. धर्मरत्ना का सान्निध्य
कार्यक्रम जैन साध्वी चंदनबाला एवं उनकी सुशिष्या साध्वी डॉ. धर्मरत्ना के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ। उनके आशीर्वाद से आयोजन में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। इस अवसर पर जैन साध्वी डॉ. धर्मरत्ना द्वारा लिखित पुस्तक का भी विमोचन किया गया।

स्कूलों में भी दिखा उत्साह
जिले के विभिन्न विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में भी इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों, शिक्षकों और समाज के लोगों ने एक साथ नवकार मंत्र का जाप किया, जिससे बच्चों में संस्कार और आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश पहुंचा।
केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर का संदेश
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि नवकार मंत्र विश्व शांति और अहिंसा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज के समय में, जब दुनिया के कई हिस्सों में अशांति है, ऐसे आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं।
उन्होंने बताया कि इस वैश्विक आयोजन का उद्घाटन अमित शाह द्वारा विज्ञान भवन में किया गया, जिसका प्रसारण विश्वभर में हुआ। साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पिछले वर्ष आयोजित नवकार मंत्र दिवस को नरेंद्र मोदी का भी आशीर्वाद प्राप्त हुआ था।

समाज के गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस आयोजन में उद्योगपति और समाजसेवी जैसे राजकुमार जैन ओसवाल, सज्जन कुमार जैन, कांता जैन, जे.पी. गौर, प्रवीण रांका (चेयरमैन, जीतो फरीदाबाद), सुशील जैन (एमडी, मॉर्डन स्कूल), रामलाल बोरार, रंधीर जैन, कुसुम जैन और रोशन लाल बोरार सहित अनेक गणमान्य नागरिक, शिक्षाविद और समाजसेवी उपस्थित रहे।
जीतो संस्था की रही अहम भूमिका
कार्यक्रम के सफल आयोजन में जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संस्था द्वारा समाज सेवा, आर्थिक सशक्तिकरण और आध्यात्मिक जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।
इस आयोजन के दौरान पूरे जिले में धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला और लोगों ने इसे विश्व शांति एवं मानवता के कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।







