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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक, गुणवत्ता और समयबद्धता पर दिया गया विशेष जोर

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हरियाणा, 9 अप्रैल।

हरियाणा सरकार ने प्रदेश में विकास कार्यों को और अधिक गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण परियोजनाओं और खरीद प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया। यह निर्णय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में बुधवार देर सायं हरियाणा निवास में आयोजित हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में लिया गया।

बैठक में हरियाणा पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन, डीएचबीवीएन, एचएसआईआईडीसी, पीडब्ल्यूडी, हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन लिमिटेड, डीएमईआर, एफएमडीए, जीएमडीए, सिंचाई विभाग और पीएचईडी सहित 10 से अधिक विभागों की विभिन्न परियोजनाओं पर करीब 1028 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति प्रदान की गई और बोलीदाताओं से नेगी सेशन करके करीब 96 करोड़ रुपये की बचत की गई।

बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेशवासियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें, ताकि कार्य निर्धारित समय सीमा में और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे हो सकें। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे और सभी अधिकारी खर्च की जाने वाली राशि के सदुपयोग पर विशेष ध्यान दें। विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में 11 मीटर लंबे पीसीसी पोल, सिंगल फेस और थ्री फेस नेट मीटर तथा 25 केवीए ट्रांसफार्मरों की खरीद प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया। इसके अलावा, हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के ‘हर-हित’ रिटेल प्रोजेक्ट के तहत पूरक पोषण कार्यक्रम के लिए 29 करोड़ रुपये की कमोडिटी खरीद को मंजूरी दी गई।

प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ‘स्टूडेंट एंड फैकल्टी लाइफ साइकिल मैनेजमेंट सिस्टम’ (एसएफएलएम) लागू करने हेतु 5.78 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे चिकित्सा शिक्षा प्रणाली में कार्यक्षमता और एकीकरण को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, गुरुग्राम महानगर से यमुना नदी की ओर स्टॉर्म वाटर डायवर्जन से संबंधित सर्वेक्षण और डीपीआर तैयार करने के लिए 6.60 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई।

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के तहत करनाल के हसनपुर गांव में होम गार्ड एवं सिविल डिफेंस प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण के लिए 47.20 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। फरीदाबाद में मास्टर जल आपूर्ति योजना के लिए 17.75 करोड़ रुपये तथा धनवापुर, गुरुग्राम में 100 एमएलडी एमपीएस और 100 एमएलडी एसटीपी के निर्माण के लिए भी 17.75 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।

गुरुग्राम में 665.5 एमएलडी क्षमता वाले मुख्य पंपिंग स्टेशन के निर्माण पर 101 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, पंचकूला के सेक्टर-1 स्थित अटल पार्क के विकास के लिए 20 करोड़ रुपये तथा सेक्टर-32 में विश्व स्तरीय शूटिंग रेंज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण हेतु 109.80 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई।

औद्योगिक और पर्यावरणीय सुधारों के तहत पानीपत के सेक्टर-29-II में 21 एमएलडी क्षमता के अतिरिक्त कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट तथा 63 एमएलडी क्षमता के मुख्य पंपिंग स्टेशन के निर्माण के लिए 123.40 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। स्वास्थ्य क्षेत्र में जींद के नरवाना ब्लॉक के दनौदा गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए 15.80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।

इसके अतिरिक्त, भिवानी के गांव गरवा में लवण-प्रभावित क्षेत्रों के विकास हेतु एकीकृत एक्वा पार्क उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना के लिए 51.90 करोड़ रुपये तथा पलवल में एसबीआर तकनीक आधारित 8 एमएलडी एसटीपी के निर्माण के लिए 13.50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। सिंचाई क्षेत्र में भालौट उप-शाखा के आरडी-83000 पर जलसेतु और निकास द्वार के पुनर्निर्माण के लिए 14.50 करोड़ रुपये तथा आरडी-82500 से 124000 के बीच विभिन्न संरचनाओं के निर्माण एवं पुनर्निर्माण के लिए 23.80 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई।

बैठक में ऊर्जा मंत्री अनिल विज, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री  विपुल गोयल, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजा शेखर वुंडरू, अतिरिक्त मुख्य सचिव जी. अनुपमा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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Author: New India News Network

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