- जिला परिषद के सीईओ सुमित कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक, वर्ष 2026-27 की परियोजनाओं पर की चर्चा
- मत्स्य किसानों को तालाब निर्माण, फिश फीड, आइस बॉक्स और फिश कियोस्क पर मिलेगी सब्सिडी
गुरुग्राम, 15 मई
जिला परिषद के सीईओ सुमित कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से जिले में मत्स्य पालन को आधुनिक तकनीक से जोड़कर किसानों और युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना के तहत नए तालाब निर्माण, मत्स्य उत्पादन बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने यह बात पीएमएमएसवाई योजना के तहत वर्ष 2026-27 की परियोजनाओं को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
जिला मत्स्य अधिकारी सतवीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि गुरुग्राम जिले में वर्ष 2025-26 के दौरान 545.6 हेक्टेयर क्षेत्र में मत्स्य पालन किया गया तथा 5682 मीट्रिक टन मछली उत्पादन हुआ। वर्ष 2026-27 में लगभग 15 हेक्टेयर नया क्षेत्र मत्स्य पालन के अंतर्गत लाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत नए ग्रो-आउट तालाबों के निर्माण, मीठे पानी एवं खारे पानी में मत्स्य पालन, पॉलीथीन लाइनिंग, फिश फीड, फिंगरलिंग, दवाइयों और अन्य इनपुट पर सब्सिडी दी जाएगी।उन्होंने बताया कि मत्स्य किसानों को आइस बॉक्स सहित मोटरसाइकिल, मछली बिक्री के लिए ई-रिक्शा और थ्री व्हीलर, फिश कियोस्क, सजावटी मछलियों के कियोस्क, कोल्ड स्टोरेज, आइस प्लांट और फिश फीड मिल जैसी सुविधाओं पर भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिले के किसानों द्वारा कार्प मछली पालन को बड़े स्तर पर अपनाया गया है। अब इंडियन मागुर, सिंघी, पैंगेसियस, तिलापिया और सजावटी मछलियों जैसी नई प्रजातियों को बढ़ावा देकर मत्स्य पालन में विविधता लाई जाएगी। इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बैठक में एलडीएम विनोद कुमार बजाज, फिशरीज ऑफिसर ईश्वर सिंह, एसएमएस टी एंड आई भगिंदर सिंह, मत्स्य किसान शेर सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।







