तेलंगाना/हैदराबाद,30 मई 2026।
तेलंगाना की राजनीति में एक बार फिर बड़ा मुद्दा गरमा गया है और इस बार चर्चा का केंद्र है चुनाव आयोग की आने वाली SIR प्रक्रिया। 25 जून से हैदराबाद समेत पूरे तेलंगाना में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू होने जा रहा है, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
इसी बीच बकरीद के मौके पर आयोजित ईद-मिलन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने लोगों से संवेदनशील अपील की। उन्होंने कहा कि यह कोई आम बैठक नहीं, बल्कि मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के जिम्मेदार लोगों की मीटिंग है, इसलिए सभी को SIR प्रक्रिया को गंभीरता से लेना चाहिए।
ओवैसी ने साफ कहा कि यह सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर वोटर अधिकारों से जुड़ा बेहद अहम मुद्दा है। उन्होंने कहा, “मैं यह बात आपको डराने या जज़बाती होकर नहीं कह रहा, लेकिन SIR हमारे लिए जिंदगी और मौत का मसला है।”
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि 25 जून से SIR शुरू होने के बाद बूथ लेवल ऑफिसर वोटर्स के घर-घर जाएंगे और सर्वेक्षण प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस प्रक्रिया को बेहद गंभीरता से लें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें।
ओवैसी ने कहा कि यह पूरा अभियान तय करेगा कि आपका नाम वोटर लिस्ट में सही तरीके से दर्ज होगा या नहीं। उन्होंने दावा किया कि पिछले डेढ़ महीने में देश की किसी भी अन्य राजनीतिक पार्टी ने SIR पर उतना काम नहीं किया, जितना AIMIM ने किया है।
उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी ने SIR को लेकर एक ऐप तैयार किया है और अपने कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी है। लोग पार्टी कार्यालयों में जाकर अपना नाम वोटर लिस्ट में चेक कर सकते हैं और उनकी मैपिंग भी की जा रही है।
ओवैसी ने आगे कहा कि जब बूथ लेवल ऑफिसर फॉर्म लेकर आए, तो उसे ध्यान से पढ़ें। अगर कोई व्यक्ति पढ़ने में सक्षम नहीं है, तो वह बूथ लेवल एजेंट या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से उसकी जांच जरूर करवाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सही मैपिंग बेहद जरूरी है, क्योंकि इसी के आधार पर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम शामिल होगा।
अब सवाल यह उठता है कि क्या SIR प्रक्रिया वोटिंग अधिकारों को और मजबूत बनाएगी या फिर यह एक नई राजनीतिक बहस को जन्म देगी।
क्या है SIR प्रक्रिया?
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चुनाव आयोग द्वारा चलाया जाने वाला एक विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य वोटर लिस्ट को पूरी तरह से साफ, प्रामाणिक और अपडेट करना है। इसके तहत बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर वोटर्स के डेटा का फिजिकल वेरिफिकेशन करते हैं।







