तावडू में चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ की कमी को लेकर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित।
तावडू, 11 जुलाई (नरेश मैहंदीरत्ता): शहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ की कमी को लेकर स्वास्थ्य सुविधाएं पूर्ण रूप से नहीं मिल पा रही हैं। जिससे रोगियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड रहा है। जिसके चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एसएमओ ने चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ की एक बैठक ली।
बैठक में चर्चा हुई कि 3 वर्षों से 3 डाक्टर पीजी करने गए, लेकिन उनके स्थान पर कोई नहीं आया। वहीं एक डाक्टर अपनी सेवाएं समाप्त कर चला गया। वहीं 2 महिला चिकित्सक अवकाश पर हैं। बच्चों के 3 डाक्टरों के स्थान पर 1 डाक्टर है और उनकी डयूटी भी मांडीखेडा लगा दी जाती है। एक स्त्री रोग विशेषज्ञ की कमी है, नवजात शिशु विभाग व रोगी दाखिला विभाग, तथा आपातकालीन विभाग में नर्सिंग अधिकारियों की कमी है। आपातकालीन विभाग में एक डाक्टर होने के कारण दूसरी पीएचसी से डाक्टर बुलाकर रोगियों की जांच की जा रही है। इतने डाक्टरों व नर्सिंग स्टाफ की कमी के बावजूद कोर्ट डयूटी, जेल डयूटी आदि भी करनी पड रही है। वर्तमान में सीएचसी, आयुषमान भारत के क्रियान्यवन में टीकाकरण में स्वास्थ्य सुविधाएं दे रही है। डाक्टरों की भारी कमी के चलते बहुत मानसिक दबाव में कार्य करना पड रहा है।
इस बारे में एसएमओ निहाल सिंह सोलकी ने कहा कि सीएचसी में फिलहाल उनके सहित 6 मेडिकल ऑफिसर हैं। जिनमें से 2 ऑफिसर अवकाश पर हैं। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य केन्द्र के डाक्टरों को मानसिक दबाव के चलते अधिक समय डयूटी करनी पड रही है।







