चंडीगढ़/जींद, 07 जुलाई
- सैनिक सम्मान से हाइड्रोजन क्रांति तक – 13 साल में हरियाणा को मिली राष्ट्रीय पहचान
- 17 जुलाई को जींद से शुरू होगा हरित भारत का नया अध्याय, हरियाणा बनेगा ग्रीन मोबिलिटी का मॉडल स्टेट
जब 15 सितंबर 2013 को रेवाड़ी की सैनिक रैली में नरेंद्र मोदी ने “वन रैंक वन पेंशन” का नारा दिया था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि हरियाणा देश के विकास का मॉडल बन जाएगा। 2013 से 2026 तक का सफर बताता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का हरियाणा से रिश्ता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक और विकासात्मक है।
17 जुलाई 2026 को जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर प्रधानमंत्री जी इस रिश्ते का एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रहे हैं।
“5 शहर, 5 पहचान: मोदी ने हरियाणा को दी राष्ट्रीय पहचान”
प्रधानमंत्री मोदी ने हरियाणा को योजनाओं के साथ-साथ राष्ट्रीय पहचान दी है। यह पंचतत्व ही नए हरियाणा की नींव है:
1. रेवाड़ी = राष्ट्र सुरक्षा: 2013 की रेवाड़ी सैनिक सम्मान रैली से ही “वन रैंक वन पेंशन” की नींव पड़ी। आज OROP से हरियाणा के 1.80 लाख से अधिक भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है।
2. पानीपत = नारी शक्ति: 22 जनवरी 2015 को पानीपत से शुरू हुआ “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”। परिणाम: हरियाणा का लिंगानुपात 2011 में 879 से बढ़कर 2021 में 910 हो गया। आज हरियाणा बेटियों की शिक्षा और खेल में देश का नंबर-1 राज्य है।
3. कुरुक्षेत्र = सांस्कृतिक गौरव: 24 अप्रैल 2022 को गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व पर कुरुक्षेत्र से दिया गया सांस्कृतिक संदेश। अब यहां बन रहा भव्य सिख म्यूजियम हरियाणा को धार्मिक पर्यटन का ग्लोबल हब बनाएगा।
4. हिसार = एविएशन हब: महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट, हिसार को अंतरराष्ट्रीय कार्गो हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे पश्चिमी हरियाणा के उद्योग, निर्यात और रोजगार को नई उड़ान मिलेगी।
5. जींद = ग्रीन टेक्नोलॉजी: 17 जुलाई को जींद से लॉन्च होगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन। हरियाणा का भौगोलिक केंद्र अब पूरे देश को “नेट-जीरो” का संदेश देगा।
“घोषणा नहीं, डिलीवरी”: 17 जुलाई को हजारों करोड़ की मेगा सौगात
17 जुलाई की जनसभा केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि “विकसित हरियाणा – विकसित भारत” के संकल्प का उत्सव होगी। इस दिन प्रधानमंत्री जी प्रदेश को रेलवे, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे की 9 बड़ी परियोजनाएं समर्पित करेंगे।
स्वास्थ्य क्रांति: भिवानी और नारनौल के दो नए मेडिकल कॉलेजों के लोकार्पण से दक्षिण हरियाणा के 2 करोड़ लोगों को घर के पास MBBS और सुपर स्पेशलिटी इलाज मिलेगा। 2014 से हरियाणा में आज संख्या 15 से अधिक हो गई है।
कनेक्टिविटी का नया युग: 350 करोड़ के कुरुक्षेत्र एलिवेटेड ट्रैक से जाम खत्म, अंबाला-कालाअंब फोरलेन से उद्योग को गति, दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे और जींद-गोहाना NH से व्यापार बढ़ेगा।
हाइड्रोजन ट्रेन: यह सिर्फ ट्रेन नहीं, ऊर्जा आत्मनिर्भरता है
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन डीजल मुक्त है। यह भारत के 2070 नेट-जीरो लक्ष्य की प्रयोगशाला है। हरियाणा पहला राज्य बनेगा जो “ग्रीन मोबिलिटी” में देश को दिशा देगा। इससे कार्बन उत्सर्जन 70% तक कम होगा और रेलवे को सालाना हजारों करोड़ की बचत होगी।
“2014 से पहले उपेक्षा, आज राष्ट्रीय केंद्र”
2014 से पहले हरियाणा को केंद्र से योजनाएं मांगनी पड़ती थीं। आज हरियाणा खुद राष्ट्रीय परियोजनाओं का केंद्र है। एक्सप्रेसवे, रेलवे, एयरपोर्ट, मेडिकल शिक्षा, औद्योगिक कॉरिडोर और ग्रीन एनर्जी – हर क्षेत्र में हरियाणा टॉप-3 में है।
विकसित भारत की प्रयोगशाला
“नरेंद्र मोदी जी ने हरियाणा को कभी केवल एक राज्य नहीं माना। उन्होंने हरियाणा को विकसित भारत की विकास प्रयोगशाला माना है। रेवाड़ी से जींद तक की यह यात्रा बताती है कि जब नेतृत्व दूरदर्शी हो, तो हरियाणा केवल विकास का सहभागी नहीं, बल्कि देश को दिशा देने वाला राज्य बन जाता है।”
17 जुलाई का संदेश स्पष्ट है – भारत का भविष्य ग्रीन एनर्जी, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक आधारित विकास में है। और उस भविष्य का अग्रदूत हरियाणा है। शमशेर खरकप्रदेश मीडिया सह प्रभारी
मोदी के हरियाणा – 13 साल, 13 उपलब्धियां
“डबल इंजन ने बदली हरियाणा की तस्वीर और तकदीर”
1. वन रैंक वन पेंशन – रेवाड़ी 2013
हरियाणा के 1.80 लाख+ पूर्व सैनिकों को 12,000 करोड़ से अधिक का लाभ
2. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ – पानीपत 2015







